संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव चौशाला के 17 वर्षीय खिलाड़ी गौरव मुक्केबाजी के दम पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। महज 12 साल की उम्र में खेल को अपना भविष्य बनाने का लक्ष्य तय करने वाले गौरव ने कड़ी मेहनत के बल पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया है।
गौरव स्कूल नेशनल गेम्स में भी भाग ले चुके हैं, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। वर्तमान में वह माइलस्टोन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी बराबर महत्व दे रहे हैं।
सामान्य आर्थिक स्थिति के बावजूद उसके पिता जवाहर लाल, जो पेशे से सेल्समैन हैं, ने हमेशा बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गौरव इन दिनों छोटूराम इंडोर स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं और रोजाना करीब छह घंटे अभ्यास करते हैं। सुबह वह तीन घंटे फिटनेस और तकनीकी अभ्यास करते हैं, जबकि शाम को तीन घंटे मैच प्रैक्टिस और रणनीति पर काम करते हैं।
गौरव में प्रतिभा के साथ-साथ धैर्य और अनुशासन भी है, जो सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। वह एक मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित खिलाड़ी है। गौरव युवाओं को संदेश देता है कि मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए। -अमरजीत, कोच