संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शनिवार को मौसम साफ रहा। सुबह सात बजे ही धूप खिल गई थी। मौसम वैज्ञानिकों ने जल्द मौसम बदलने की बात कही है। उनका कहना है कि आगामी तीन दिनों तक बारिश की संभावना है। मौसम बदलने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। चिकित्सकों ने सावधान रहने की हिदायत दी है।
हालांकि सुबह व शाम के समय ठंड का प्रभाव होने व ठंडी हवाओं के चलते दोपहिया वाहन पर भी ठंड का प्रभाव जारी है। दोपहर के समय में धूप खिलने से दोपहिया वाहनों पर थोड़ी राहत मिलती है। सुबह शाम के समय अधिक का अधिक प्रभाव रहता है।
अधिकतम तापमान 23.2 और न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेलि्सयस रिकॉर्ड किया गया। उधर, सुबह शाम की ठंड के चलते कफ, खांसी, जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिन तक बारिश होने की संभावना है।
कैथल कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि 18 फरवरी को आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। 19 से 21 फरवरी तक आंशिक बादल और गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 22 फरवरी को भी आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।
चििकत्सक बोलें- आयुर्वेद का लें सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारतीय चिकित्सा परिषद के सदस्य डॉ. जितेंद्र गिल ने कहा कि इस समय वसंत ऋतु में खांसी, बुखार का प्रकोप बढ़ जाता है। जाती हुई सर्दियां नजला, जुकाम, खांसी, दमा आदि के रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस समय में हमें आयुर्वेद का सहारा लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम नियमित रूप से गर्म पानी व उचित खानपान का ध्यान रखें तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। बसंत ऋतु में फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए डॉ. जितेंद्र गिल ने कहा कि कफ के इलाज के लिए शहद, हल्दी, अदरक, काली मिर्च का प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रात्रि का भोजन कम करें। डॉ. गिल ने कहा कि प्रतिदिन इस बीमारी के सैंकड़ों मरीज नागरिक अस्पताल में आ रहे है, जिन्हें आयुर्वेद के माध्यम से बहुत अच्छा इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।