संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इंटरनेट सेवाएं बंद होने का सीधा प्रभाव यातायात नियमों के पालन पर भी पड़ा है। ऑनलाइन चालान काटने के लिए प्रयोग होने वाली मशीनों को नेटवर्क नहीं मिलने के कारण यातायात पुलिस चालान काटने में स्वयं को असमर्थ पा रही है।
ऐसे में वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर सरेआम शहर की सड़कों पर बैखौफ दौड़ रहे हैं। पुलिस भी केवल एकाध ऐसे वाहन चालक के चालान किए जा रहे हैं, जो किसी भी नियम पर खरा नहीं उतर रहा हो। दरअसल, वाहन चलाने में लापरवाही करने वालों के खिलाफ पुलिस सतर्क रहती है। उनके सबक सिखाने के लिए चालान काटना जरूरी होता है।
लेकिन इस समय ऐसे वाहनों के चालान काटने के लिए भी पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रहा है। पहले वाहनों को रुकवाकर दस्तावेजों की जांच की जाती है। अगर किसी चालक के पास कोई दस्तावेज नहीं है तो उसे व उसके वाहन को यातायात थाना में ले जाया जा रहा है। वहां वाई-फाई से जोड़कर मशीनों को चलाकर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उसके बाद चालान किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि सामान्य दिनों में पुलिस की ओर से नियमों को अनदेखा करने वाले लगभग 150 वाहन चालकों के चालान प्रतिदिन किए जाते हैं। रोजाना होने वाले चालानों से करीब 80 से 85 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया जाता है। अब चालानों की संख्या पांच से 10 के बीच रह गई है। ऐसे में नियमों की अनदेखी के साथ-साथ वाहन चालक जुर्माने से भी बच रहे हैं।
मशीनें नहीं चलने के कारण फिलहाल ऐसे वाहन चालकों को चेतावनी देकर छोड़ा जा रहा है, जिनके पास एकाध दस्तावेज कम है। जो वाहन चालक नियमों को बिल्कुल अनदेखा कर रहे हैं, उनके वाहनों को थाने में ले जाकर चालान किए जा रहे हैं। रमेश कुमार, प्रभारी, यातायात थाना कैथल।