नगर पालिका चीका के चेयरमैन पद को लेकर भाजपा के विधायक कुलवंत बाजीगर एवं भाजपा नेता राजेश पिंटू अब खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। अब तक सर्वसम्मति से प्रधान चुनने की बात कह रहे विधायक खेमे ने अपना उम्मीदवार चुन लिया है। वहीं भाजपा नेता राजेश पिंटू के इनेलो कनेक्शन पर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं पिंटू ने भी विधायक पर प्रश्न उछाल दिया है कि वे भी तो वाया कांग्रेस हजकां से भाजपा में आए थे। इस बीच विधायक पक्ष ने वार्ड 14 से पार्षद रणजीत कौर औलख को नगर पालिका चीका के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाने का एलान कर दिया है। विधायक पक्ष के तीन पार्षद नगर पालिका चीका की चेयरमैनी पर दावा कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार पूर्व चेयरमैन तरसेम गोयल की पुत्र वधू शिवानी गोयल ने रणजीत कौर औलख के समर्थन में अपनी दावेदारी वापस ले ली है। वार्ड 2 की पार्षद व चेयरपर्सन पद की तीसरी दावेदार समता रानी की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया हासिल नहीं हो पाई है। विधायक पक्ष के पार्षदों से मिली जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ के मनसा देवी मंदिर में हुई बैठक में यह तय किया गया कि पिंटू को मात देनी है तो सभी को अपने मतभेद भुलाकर एक साथ आना होगा। वहीं आपसी सहमति से रणजीत कौर औलख को प्रत्याशी बनाया जाना तय हुआ। इस मीटिंग में विधायक पक्ष के 7 पार्षदों के साथ-साथ गत 5 जुलाई को पिंटू के समर्थन में नगर पालिका पहुंचने वाले 10 पार्षदों में से 2 पार्षदों के शामिल होने के बारे में दावा किया जा रहा है।
पिंटू पहुंचे सीएम दरबार:
पिंटू पक्ष के पार्षदों ने दावा किया है कि युवा भाजपा सहित पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों द्वारा डाले गए समर्थन के प्रस्तावों को लेकर पिंटू सीएम से मिलने चंडीगढ़ गए हैं। पिंटू अपने साथ उन तमाम अखबारों की कतरने भी लेकर गए हैं जिनमें 5 जुलाई को नगर पालिका चीका में घटा सारा घटनाक्रम छपा है। गुहला प्रशासन ने नगर पालिका की प्रधानगी की चुनाव के लिए 5 जुलाई की तारीख तय की थी मगर पिंटू पक्ष के 10 पार्षदों के नगर पालिका पहुंचने के बाद चुनाव स्थगित करने की घोषणा कर दी थी। नगर पालिका पहुंचे पार्षदों ने विधायक कुलवंत बाजीगर पर चुनाव स्थगित करवाने को लेकर आरोप लगाया था कि विधायक अपनी मनमर्जी का प्रधान नहीं बना पा रहे इसलिए जानबूझकर चुनाव स्थगित करवा दिया है।
महापंचायत को लेकर विधायक ने ली चुटकी:
पिंटू पक्ष द्वारा चीका गांव के दादा खेड़े पर शुक्रवार शाम को होने वाली महापंचायत नहीं हो पाई। हालांकि पिंटू पक्ष ने दावा किया कि उन्होंने खुद निजी कारणों से महापंचायत को स्थगित किया है लेकिन विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि पिंटू घर-घर फिरने के बाद चार आदमी भी इकट्ठे नहीं कर पाए इसलिए जग हंसाई से बचने के लिए महापंचायत रद्द करने का बहाना बना दिया। विधायक ने कहा कि पिंटू इनेलो व कांग्रेस के हाथों खेल रहे हैं तथा पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ना टूटे हैं ना टूटेंगे : वाल्मीकि:
इस बीच वार्ड 12 की पार्षद रिंपल रानी के पति एडवोकेट वेद राज वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष की तरफ से पिंटू समर्थक पार्षदों को तोड़ने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे हैं। वाल्मीकि ने कहा कि कहा कि चाहे कुछ हो जाए 10 पार्षदों की उनकी जुंडली ना टूटी है और ना ही टूटेगी। वाल्मीकि ने दावा किया कि जब भी चुनाव होगा विधायक पक्ष के तीन और पार्षद पिंटू के समर्थन में भुगतेंगे।
20 से पहले होगा चुनाव
सरकारी दौरे पर सिंगापुर रवाना हो रहे विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि पालिका अध्यक्ष का चुनाव 20 जुलाई से पहले-पहले करवा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे 15 तारीख को वापस लौटेंगे। उसके बाद कोई भी दिन तय करके चुनाव करवाया जाएगा। विधायक ने फिर दोहराया कि उनका मकसद सर्वसम्मति से चुनाव करवाना है ताकि कांग्रेस व इनेलो की साजिश को बेनकाब करके जिला परिषद व ब्लाक समिति में भी भाजपा का परचम लहराया जा सके।