जिले में केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी खुशी की खबर है। केंद्र सरकार द्वारा जिले में केंद्रीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। मानव संसाधन मंत्रालय की टीम ने गांव ग्योंग सहित दो-तीन अन्य गांवों में विद्यालय के लिए जगह देेेखी है। सीबीएससी पैटर्न पर बनाए जाने वाले विद्यालय के लिए जगह निश्चित होते ही प्रोजैक्ट फाइनल कर लिया जाएगा।
अभी तक नहीं है जिले में एक भी केंद्रीय विद्यालय
जिले में अभी तक एक भी केंद्रीय विद्यालय नहीं है। नवोदय विद्यालय की तर्ज पर यह भी विद्यालयों की शृंखला है, जिसमें बच्चों को सीबीएससी पैटर्न पर शिक्षा दी जाती है। इनमें केंद्रीय कर्मचारियों सहित कर्मचारियों के बच्चों को वरीयता के आधार पर दाखिला मिलता है। वहीं शेष सीटों पर स्थानीय बच्चे भी दाखिला लेकर पढ़ते हैं। अभी तक यहां केंद्रीय विद्यालय ना होने के कारण कर्मचारियों को भी काफी दिक्कतें आती हैं। आस-पास में करनाल व अंबाला में केंद्रीय विद्यालय खुले हुए हैं। जहां मेरिट के आधार पर दाखिला होता है।
मानव संसाधन मंत्रालय की टीम ने किया दौरा, जगह तलाशी
मानव संसाधन मंत्रालय की टीम ने केंद्रीय विद्यालय के लिए दौरा किया। विभागीय सूत्रों ने बताया कि गांव ग्योंग के एरिया में पंचायती जमीन देखी गई है। साथ ही आस-पास के गांवों में भी उन पंचायतों से प्रशासन द्वारा संपर्क किया जा रहा है जहां जमीन उपलब्ध है। जमीन की तलाश पूूरी होने पर तय हो जाएगा कि प्रोजैक्ट कैथल में पूरा होगा या नहीं। मंत्रालय की टीम में आए अधिकारी ने अमर उजाला द्वारा संपर्क करने पर कहा कि अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं केंद्रीय विद्यालय, खुले तो लोगों को मिलेगा लाभ
अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष सतबीर गोयत का कहना है कि प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति के कारण सरकारी स्कूलों में हालत बिगड़ते जा रहे हैं। कहने को आरोही स्कूल खोल दिए गए। लेकिन वहां प्रिंसिपल तक कांट्रेक्ट आधार पर कार्यरत हैं। नवोदय विद्यालय की तर्ज पर केंद्र सरकार की केंद्रीय विद्यालय अलग से परियोजना है। केंद्रीय विद्यालय अपनी शिक्षा में गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। जहां बच्चों के दाखिले मेरिट के आधार पर होते हैं। जिले में यदि केंद्रीय विद्यालय खुलता है तो निश्चित तौर पर लोगों को लाभ मिलेगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी।
केंद्र सरकार द्वारा इस बारे में तैयारी की जा रही है। विभाग की एक टीम ने कैथल का दौरा कर जगह की तलाश की है। गांव ग्योंग सहित अन्य गांवों में भी संपर्क किया जा रहा है। जगह फाइनल होने के बाद कक्षा पहली से बारहवीं तक केंद्रीय विद्यालय खोले जाने का फैसला होगा। यह पूरी तरह से सीबीएससी पैटर्न पर होगा। केंद्रीय विद्यालय स्कूल प्रणाली विश्व भर की अच्छी शक्षा प्रणाली के तौर पर पहचान रखती है।
कैप्टन शक्ति सिंह, एडीसी, कैथल।