सीवन गेट स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा में लगी आग से बैंक में बारह लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर राख हो गया। दो दिन से बैंक बंद था। सोमवार सुबह जब बैंक खोला गया तो अंदर सब कुछ जला हुआ मिला। बाद में दमकल विभाग की सहायता से आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। मामले की जांच के लिए केंद्रीय टीम को बुलाया गया है। आगजनी में स्ट्रांग रूम व लॉकर्स सुरक्षित रहे। जिस कारण नकदी सुरक्षित बच गई।
बैंक की मैनेजर सुनीता रानी ने बताया कि महीने के अंतिम शनिवार को अवकाश होने के कारण पिछले दो दिनों से बैंक बंद था। सोमवार को जब सफाई कर्मचारी जितेंद्र कुमार ने बैंक खोला तो शटर के पीछे लगा शीशा टूट कर बिखर गया। जिस पर सफाई कर्मचारी सकते में पड़ गया। उन्होंने बताया कि बैंक की दीवारें धुएं से काली हो चुकी थी। देखा तो बैंक का सामना जलकर राख हो चुका था।
सफाई कर्मचारी ने बताया कि उसने बैंक की मैनेजर व कैशियर सुनील बैनीवाल को फोन पर इस घटना की तुरंत सूचना दी। जिस पर दोनों अधिकारी बैंक में पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी हासिल की। शनिवार व रविवार को सरकारी अवकाश के कारण बैंक बंद थे। जिस कारण अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट हो सकता है।
फायर अलार्म था खराब
बैंक में लगी आग के दौरान अंदर लगे फायर अलार्म भी नहीं बजे। आग लगने के बाद वह शायद अपने आप शांत भी हो गई थी। लेकिन बैंक में लगे फायर अलार्म के खराब होने के कारण आस-पास के दुकानदारों को आग लगने की भनक तक नहीं लग पाई। इस यंत्र के काम न करने की जानकारी किसी को नही थीं। यदि यह अलार्म ठीक होता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
स्ट्रांग रूम, लॉकर रहे सुरक्षित
बैंक में आग लगने के कारण पूरे बैंक के लाखों के सामान का नुकसान हुआ। लेकिन गनीमत यह रही कि बैंक का स्ट्रांग रूम और लॉकर दोनों सुरक्षित है। जिससे ग्राहकों को बैंक से संबधित कोई भी नुकसान नहीं होगा।
यह हुआ नुकसान
बैंक में आग के कारण चार एयरकंडीशनर, पांच पंखे, दो कंप्यूटर, फर्नीचर, बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे और बैंक की आधी से अधिक फिटिंग जलकर राख हो गई है।
कैमरे की डीवीआर सुरक्षित, प्रमुख शाखा के अधिकारी करेंगे जांच
आग लगने के कारण बैंक में लगा डीवीआर बॉक्स को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिस कारण डीवीआर सुरक्षित है। जिसकी जांच शाखा की मेन ब्रांच के अधिकारी करेंगे और आग लगने के कारणों को पता लगाएंगे।
पहले से लगी आग, बाहर नहीं लगी भनक
आग संभवत: पहले लगी है। जो अपने आप शांत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि आग लगने की आस पास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भनक तक नहीं लगी। जिस कारण आग लगने के बाद शायद दो दिनों तक बैंक का सामान जलता रहा। वहीं बैंक के फायर अलार्म के खराब होने पर सभी सवाल उठ रहे हैं।