कैथल। लंबी कवायद के बाद आखिरकार शहर में प्रमुख चौकों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू हो गया है। शहर के प्रमुख 18 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं, ताकि अपराध और अन्य वारदात पर अंकुश लग सके।
शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की कवायद लंबे समय से चल रही है। पूर्व में परिषद के पास इस संबंध में जहां फंड की कमी आड़े आ रही थी। वहीं, सांसद निधि से 10 लाख रुपये की राशि मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पा रहा था। बैंक के 42 लाख कैश की लूट की वारदात के बाद तो इस मांग ने जोर पकड़ लिया था। ‘अमर उजाला’ ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था।
पंद्रह लाख रुपये की लागत से लगेंगे
शहर के प्रमुख 18 चौकों पर 49 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। शहर के प्रमुख स्थानों पर कैमरे लगने से आपराधिक घटनाओं पर भी नियंत्रण होगा। यह कैमरे 15 अप्रैल तक शहर में लग जाएंगे। नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता ठाकुर लाल शर्मा ने बताया कि शहर वासियों व प्रशासन की मांग पर शहर के 18 स्थानों पर करीब 49 कमरे लगेंगे। जिन पर करीब 15 लाख का खर्च हुआ है।
शहर में कमेटी चौक से ही कैमरे लगाने का कार्य आरंभ हो चुका है। यह कैमरे शहर आने-जाने वाले वाहनों पर पूरी नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल तक कैमरे लगवाने का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट का आदेश है। वहीं, कैथल प्रदेश में पहला शहर है जहां पर सीसीटीवी लगेंगे। सीसीटीवी लगाने के लिए नगर परिषद द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया है कि जिसमें डीएसपी रविन्द्र कुमार तौमर, एडीसी, डीआईओ, नगर परिषद एक्सईन शामिल हैं।
इन स्थानों पर लगेंगे
जींद रोड बाईपास नाका, करनाल रोड बाईपास नाका, अंबाला रोड बाईपास नाका, विश्वकर्मा चौक अंबाला रोड, सीवन रोड बाईपास नाका, पिहोवा चौक, महेश चौक नजदीक पुराना बस अड्डा, कमेटी चौक, कबूतर चौक, रेलवे स्टेशन, ढांड चौक, वाल्मीकि चौक नजदीकी हिंद सिनेमा, रेलवे गेट, चंदाना गेट, प्रताप गेट, डोगरा गेट, सिरटा रोड बाईपास, लघु सचिवालय, भगत सिंह चौक, नौता चौक और ऑफिसर कॉलोनी में कैमरे लगाए जाएंगे।
लड़कियों को होगा फायदा
शहर के विभिन्न चौकों पर कैमरे लगने से छेड़छाड़ की घटनाओं पर लगाम लगाने में सहायता मिलेगी। इससे स्कूली छात्राओं, लड़कियों और महिलाओं को फायदा होगा। क्योंकि शहर के शरारती तत्वों द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं।
कमेटी चौक पर राजकीय कन्या स्कूल की छात्राओं को अनेक प्रकार की परेशानियों को सामना करना पड़ता है। सीसीटीवी लगने से इन घटनाओं पर भी काबू पाया जा सकता है। गौरतलब है कि इन कैमरों का कंट्रोल पुलिस के पास रहेगा, ताकि किसी भी वारदात की स्थिति में रिकॉर्डिंग खंगालने में पुलिस को दिक्कत न हो।