संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। शाम होते ही कलायत नगर की सभी सडक़ों व गलियों में गोवंश का कब्जा हो जाता है। इसके कारण से रेलवे रोड पर यातायात पूरी तरह से बाधित रहता है। रात में इनकी वजह से कई बार हादसे भी हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि रात में इनकी वजह से ज्यादा परेशानी होती है।
लोगों के अनुसार, दिन भर पता नहीं कहां रहने वाला गोवंश और बेसहारा पशु शाम होते ही रेलवे रोड पर अपना कब्जा कर लेते हैं। यह नगर के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन हैं। इनकी वजह से कई दोपहिया वाहन चालक जख्मी हो गए।
इसके अलावा गोवंश भी कई बाद दुर्घटना में जख्मी हो जाता है। राजेंद्र, ईश्वर, तन्नू भारती, रोशन, दयाशंकर आदी ने कहा कि ऐसा कुछ ही समय पूर्व हुआ है कि काफी संख्या में गोवंश सडक़ों पर दिखाई देने लगा।
इन लोगों का मानना है कि अन्य गांवों के लोग गोवंश को पकड़ कर कलायत में छोड़ जाते है। आवारा गोवंश खाने की तलाश में सडक़ों पर घूमता है। इससे पूर्व भी नगर के युवाओं ने अभियान चला कर सडक़ों पर घूमने वाले आवारा गोवंश को गोशाला पहुंचाया था। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सडक़ों पर पालीथिन और कचरा खाते गौवंश के संरक्षण के लिए कदम उठाए।
गोवंश पर नियंत्रण के लिए गोशाला मुढाड प्रधान योगेश गर्ग से बात की गई तो उन्होंने बताया की गोशाला में पहले से ही 3500 गोवंश हैं। इस वजह से गोशाला में दिक्कत है। वे गोवंश को गौशाला में संरक्षण देने को तैयार हैं। यदि प्रशासन अन्य नगरों की तरह से प्रति गोवंश प्रति दिन के हिसाब से
आर्थिक सहायता गोशाला को उपलब्ध करवा सके तो गोवंश के संवर्धन में गोशाला को आसानी हो जाएगी।