सरकार ने विभागों में लेन-देन को कैशलेस करने के आदेश तो जारी कर दिए हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर कई विभाग इसके लिए तैयार नहीं हैं। कई विभागों में तो अभी तक ये निर्देश पहुंच तो गए हैं, लेकिन उन पर अमल शुरू नहीं हुए हैं। वहीं कइयों में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। लोगों को कैशलेस व्यवस्था में सुरक्षा की भी चिंता सता रही है।
जिलास्तर पर कई कार्यालयों में पता किया गया तो कैशलेस व्यवस्था के लिए हालात अभी दूर की कौड़ी लग रहे हैं।
नगर परिषद में नहीं हैं कोई तैयारियां
नगर परिषद कैथल में प्रॉपर्टी टैक्स, किराया शाखा सहित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के अलावा बिल्डिंग के नक्शे पास करवाने के लिए फीस जमा होती है। यहां किसी काउंटर पर अभी ऐसी कोई तैयारी नहीं हैं। यहां प्रॉपर्टी टैक्स, किराया शाखा सहित प्रमाण पत्रों की सीट पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि अभी यहां कैशलेस सुविधा की तैयारियां नहीं हैं। वे कैश से ही रसीद काट रहे हैं। हालांकि किराया शाखा के कर्मचारी ने कहा कि उनके पास आदेश तो आए हैं। अभी क्या होगा। पता नहीं?
तहसील कार्यालय में नहीं दिखी कोई तैयारी
तहसील कार्यालय में प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त, इंतकाल सहित कई तरह की फीसें जमा होती हैं। लेकिन यहां भी अभी कैशलेस की कोई सुविधा नजर नहीं आ रही। यहां कार्यरत कर्मचारियों ने कहा कि पहले की तरह से नकद ही जमा करवाया जा रहा है।
जिला अस्पताल में पीओएस मशीन के आदेश तो दिए, लेकिन अभी तैयारी नहीं
जिला अस्पताल में 100 से भी ज्यादा मेडिकल टेस्ट के लिए रसीद कटती हैं। यहां एक पीओएस मशीन खरीदने के लिए तो आदेश दिया गया है। लेकिन अस्पताल स्तर पर अभी तैयारियां नजर नहीं आ रहीं। कर्मचारियों ने कहा कि अभी वे नकद ही रसीद काट रहे हैं।
आरटीए कार्यालय में बना दी गई है सूची, मशीन आते ही कार्ड से ली जाएगी फीस
आरटीए कार्यालय में वाहनों की रजिस्ट्रेशन, पासिंग ऑर्डर, गाड़ियों की पासिंग, वाहनों के परमिट, वाहनों के रोड टैक्स, चालक लाइसेंस व मोटर अधिनियम के तहत किए जाने वाले चालान की राशि जमा होती है। यहां अभी तो नकद फीस जमा हो रही हैं। लेकिन विभाग ने जागरुकता के लिए लिस्ट बनाकर कार्ड से भुगतान के लिए लोगों का आह्वान शुरू कर दिया है। साथ ही पीओएस मशीन के लिए भी ऑर्डर कर दिया गया है। आरटीए असिस्टेंट सेक्रेट्री लेखराज ने कहा कि कैशलेस व्यवस्था से ना केवल विभाग बल्कि लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
एसडीएम कार्यालय
एसडीएम कार्यालय में वाहनों की रजिस्ट्रेशन सहित कई तरह की फीस जमा की जाती हैं। यहां एक मद में इंटरनेट बैंकिंग शुरू कर दी गई है। शेष मदों के लिए अभी पीओएस मशीन के लिए ऑर्डर किया गया है।
विभागीय अधिकारी नहीं दे रहे कैश की जानकारी
विभागों में कैशलेस भुगतान के लिए डीसी ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 2 बजे तक प्रतिदिन की कैश की जानकारी देने के आदेश दिए हैं। लेकिन दो-तीन विभागों को छोड़कर कोई विभाग जानकारी नहीं भेज रहा।
सुरक्षा को लेकर चिंताएं
विभागों के अलावा लोग भी अभी कैशलेस व्यवस्था को लेकर आशंकित हैं। आरटीए कार्यालय में वाहन फीस जमा करवाने के लिए आए जग्गू ने कहा कि उन्हें आशंका है कि वे कार्ड का प्रयोग करें तो कहीं उनका डाटा चोरी ना हो जाए। इसलिए उन्हें कार्ड प्रयोग करते हुए चिंता हो रही है। सरकार को इस पूरी व्यवस्था के बारे में जानकारी देनी चाहिए और लोगों को आश्वस्त किया जाए कि उनकी बैंक संबंधी जानकारी सुरक्षित रहेगी।
बिजली विभाग में नहीं हैं अभी तैयारी
बिजली विभाग में कैशियर रमेश ने कहा कि अभी उनके पास कैशलेस के बारे में कोई आदेश नहीं मिले हैं। अभी पता नहीं हैं कि कैशलेस कैसे होगा। जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी भी चिंतित
एक विभाग के अधिकारी ने कहा कि अभी सरकार के आदेश पर पीओएस मशीन तो खरीद ली गई है। लेकिन यह चिंता बरकरार है कि कैसे इसका प्रयोग होगा। इसकी सुरक्षा का क्या उपाय होगा? सरकार कौन से माध्यम को लेन-देन को स्वीकृत करेगी। अभी कुछ भी नहीं पता? ऐसे में कैशलेस व्यवस्था को कैसे लागू किया जाना है, स्पष्ट नहीं हैं।
डीसी ने सभी विभागों में निर्देश जारी किए हैं। जिन विभागों में अभी तैयारी नहीं हैं, वे एक दो दिन में कर लेंगे। सभी विभागों में नकदी अब कैशलेस के तौर पर जमा होगी। रही बात सुरक्षा की चिंताओं की तो चिंता की कोई बात नहीं। कैशलेस लेन-देन पूरी तरह से सुरक्षित है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जैसे-जैसे जानकारी मिलेगी, लोग इसका प्रयोग करने लगेंगे।
टीके राणा, लीड बैंक मैनेजर, कैथल।