सरकार ने शुरू किया कैशलेस पोर्टल
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कैशलेस नीति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को सुबह डीसी संजय जून ने अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में कैशलेस नीति की समीक्षा की। वहीं बाद दोपहर हरियाणा के मुख्य सचिव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ इस नीति के बारे में चर्चा की और नए निर्देशों के बारे में बताया।
मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने कहा कि कैशलेस के लिए पुरस्कार योजना के तहत सुशासन दिवस 25 दिसंबर को प्रथम ड्रा निकाला जाएगा। जिसमें 10 हजार, 5 हजार तथा एक हजार रुपये के 3 श्रेणियों में अलग-अलग इनाम दिए जाएंगे। सरकार द्वारा कैशलेस पोर्टल शुरू किया गया है। डीसी सरकारी विभागों, कॉमन सर्विस सेंटरों में कैशलेस लेन-देन का इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना सुनिश्चित करें, ताकि इनको 25 दिसंबर को सरकार द्वारा निकाले जा रहे प्रथम ड्रा में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री मनोहर लाल 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के अवसर पर इन कदमों के क्रियान्वयन की वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से समीक्षा करेंगे। नए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाकर लेन-देन करने वाला व्यक्ति पुरस्कार योजना में शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक 40 व्यक्तियों तथा 10 व्यापारियों से डिजिटल ट्रांजैक्शन अवश्य करवाएं। भारतीय स्टेट बैंक से 3 हजार पीओएस मशीनें उपलब्ध करवाने के लिए समझौता किया गया है। डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम के तहत नीति आयोग द्वारा एक चैनल भी शुरू किया गया है। इस चैनल पर दिनभर कैशलैस लेन-देन के माध्यमों के प्रयोग की जानकारी दी जाती है। एजुसेट पर भी इन माध्यमों की जानकारी युक्त एक लेक्चर चलाया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा यू-ट्यूब पर इन माध्यमों के प्रयोग की जानकारी से युक्त विभिन्न वीडियो अपलोड किए गए हैं। सूचना, जन संपर्क एवं भाषा निदेशालय द्वारा भी कैशलेस लेन-देन के माध्यमों की विस्तृत जानकारी से परिपूर्ण वीडियो तैयार करवाया जा रहा है।
अतिरिक्त प्रधान सचिव नवराज संधु ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों को कैशलेस लेन-देन के बारे में अवगत करवाने के लिए 15 जनवरी तक ग्राम सभाएं आयोजित करवाई जाएंगी।
इससे पूर्व डीसी ने जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर इस नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सरपंचों, पंचों, पंचायत समिति के सदस्यों तथा ग्राम सचिवों से कैशलेस लेन-देन शुरू करवाएं तथा सभी राजस्व अधिकारी पटवारियों, नंबरदारों तथा अन्य स्टाफ से कैशलैस लेन-देन शुरू करवाकर सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल पर पंजीकरण करवाए।