नोटबंदी के बाद सरकार कैशलेस प्रणाली अपनाने का आह्वान तो कर रही है, लेकिन इंटरनेट सुविधाओं की कमी, पीओएस मशीन के संचालन संबंधी परेशानियों के कारण जमीनी स्तर पर बड़ी समस्याएं आ रही हैं। लोगों की मांग है कि सरकार कैशलेस के लिए जमीनी इंफ्रास्ट्रक्चर जुटाए। ताकि लोग कैशलेस नीति को अपनाकर सरकार की योजना अनुसार काम कर सकें। ग्रामीण एरिया में इंटरनेट सेवाओं की बड़ी समस्या है।
दुकानों व शोरूम में लगी स्वाइप मशीनों से दुकानदारों के खाते में आने वाली राशि को 24 से 48 घंटे लग जाते है। अगर स्वाइप मशीन प्राईवेट कंपनी की हो तो खोते में राशि आने में 72 घंटे लगते हैं। जिससे दुकानदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि सरकार ने कैशलेस प्रणाली को बढ़ावा तो दिया है। लेकिन इस प्रणाली को अपनाने में बहुत सी कठिनाइयां सामने आ रही हैं। वहीं मोबाइल, जरनल स्टोर और मिठाई की दुकान मालिकों ने स्वाइप मशीनों के लिए बैंकों में आवेदन किया है। लेकिन उन्हें अभी से भय सताने लगा है कि इस कैशलेस प्रणाली से उन्हें रुपये मिलने में देरी होगी।
शाम के समय हो जाता है सर्वर डाउन
कपड़ा शोरूम के मालिक हितेश ने बताया कि वह पिछले पांच सालों से स्वाइप मशीन का उपयोग कर रहे हैं। नोटबंदी से पहले खाते में अगले दिन दोपहर बाद ही राशि आ जाती थी। मगर 8 नवंबर के बाद से दो से तीन दिन का समय लग रहा है। शाम के समय छह बजे के बाद नेटवर्क की समस्या के कारण सर्वर डाउन हो जाता है। जिस कारण भारी परेशानी होती है।
प्राईवेट कंपनी की मशीनों से ट्रांसफर में लगते हैं 72 घंटे
इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के मालिक हरीश असीजा ने बताया कि बेशक सरकार कैशलेस प्रणाली को अधिक तवज्जो दे रही है। लेकिन जिन दुकानों में अभी कैशलेस प्रणाली के लिए स्वाइप मशीनों को शुरू किया गया है। वह काफी असमंजस में है। क्योंकि इस समय बैंक द्वारा स्वाइप मशीनें देने में 20 से 30 दिन का समय लगता है। ऐसी स्थिति में दुकानदार प्राईवेट कंपनियों से स्वाइप मशीनें ले रहे हैं। लेकिन इस मशीन द्वारा 72 घंटे तो लगते ही हैं। इससे पहले खाते में रुपये नहीं आते।
नहीं आई स्वाइप मशीन
दुकानदार तनुज गुप्ता ने बताया कि सरकार कैशलेस को बढ़ावा तो दे रही हैं। लेकिन इसमें बैंक वाले अधिकारी दुकानदारों का सहयोग नहीं कर रहे है। उन्होंने बताया कि उन्हें स्वाइप मशीन के लिए आर्डर किए एक महीना हो गया है। अभी तक नहीं पहुंची है। जिससे काफी परेशानी आ रही है।
कैशलेस के लिए कई माध्यम हैं, जिससे लोग अपना लेन-देन कर सकते हैं। जैसे-जैसे इस ओर लोग बढ़ेंगे, जो भी तकनीकी दिक्कतें आएंगी, उनका भी समाधान करवाया जाएगा। यदि किसी को परेशानी है तो वह खुद उनसे या संबंधित अधिकारियों से मिल सकते हैं।
संजय जून, डीसी, कैथल।
मुनादी के बाद बैंक ने बांटी केवल पेंशन
पंजाब नेशनल बैंक में वीरवार को पेंशन धारकों को पेंशन वितरित की गई। इससे एक दिन पूर्व बाकायदा इसके लिए गांव में मुनादी करवाई गई थी। ऐसे में सुबह से ही पेंशन धारकों की भीड़ बैंक के बाहर जमा हो गई। इस काम में ग्राम पंचायत सीवन ने भी पूरा सहयोग किया। बैंक के बाहर ही पंचायत के सदस्यों ने पैक्स चेयरमैन एवं सरपंच प्रतिनिधि अमरेंद्र सिंह खारा के साथ पंचों ने बैठ कर निकासी पर्ची भरी गई और उसके बाद बैंक की ओर से पेंशन वितरण का कार्य किया गया।