कैथल। शराब ठेके पर दो व्यक्तियों की हत्या कर जलाने के मामले में तीन दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले 28 अक्तूबर को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता राय सचदेव की अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया था। इसके बाद मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया।
21 मई 2020 को वारदात के संबंध में ठेकेदार सतपाल की ओर से कलायत पुलिस को शिकायत दी गई थी। इसमें बताया गया था कि गांव बालू में उसका शराब का ठेका है। 20 मई की रात कारिंदा बालिंद्र वहां सोया था, जबकि साझेदार कुराड़ निवासी ओम प्रकाश और रसोइया भगत नेपाली वहां मौजूद थे। इस दौरान अज्ञात लोगों ने दोनों की हत्या कर शवों को शराब ठेके के अंदर डालकर आग लगा दी। अगली सुबह बलिंद्र ने सतपाल को फोन पर सूचना दी कि ठेके में आग लगी है और वह अंदर से बंद है। इसके बाद सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग को काबू किया। कमरे का मलबा हटाकर देखा गया तो ओम प्रकाश और भगत नेपाली के अधजले शव मिले। पुलिस ने हत्या, शव को खुर्द-बुर्द करने सहित विभिन्न आरोपों में केस दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की सूचना देने वालों पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान जाखौली निवासी संदीप उर्फ दीपू, गुरमीत और सत्यवान के रूप में हुई थी।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपियों का शराब ठेकेदार ओमप्रकाश और रसोइये के साथ झगड़ा हुआ था, जिसके बाद दोनों की हत्या कर शव ठेके में डाल कर आग लगा दी गई थी। मामला तभी से न्यायालय में विचाराधीन था। करीब ढाई साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने 28 अक्तूबर को तीनों को दोषी करार दिया था। इसके बाद मंगलवार को दोषियों को सजा सुनाई गई। विदित हो कि सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी डीडीए सुरजीत सिंह आर्य ने की। उन्हें सह अधिवक्ता के तौर पर अर्पित गुप्ता ने सहयोग किया।