कैथल। डोडा पोस्त तस्करी के मामले में दर्ज एफआईआर से नाम हटाने के लिए डेढ़ लाख की रुपये मांगने के आरोप में राजौंद पुलिस थाने के एसए, चौकी प्रभारी एएसआई और होमगार्ड के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साथ ही एसए महेंद्र सिंह और चौकी इंचार्ज मुकेश को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एसपी ने होमगार्ड की सेवाएं समाप्त करने के लिए विभाग को पत्र लिखा है। इससे पहले अंबाला विजिलेंस को मामले में शिकायत दी गई थी।
गांव मंडवाल निवासी अमन ने शिकायत में बताया कि 26 जुलाई को राजौंद पुलिस ने मंडवाल निवासी दलजीत और प्रीत उर्फ हजारु को डोडा पोस्त बेचने के आरोप में काबू किया था। उनके कब्जे से 51.540 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद की गई थी। मामले में दलजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जबकि प्रीत मौके से फरार हो गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी प्रीत उर्फ हजारु उसका दोस्त है। आरोप है कि उसके दोस्त प्रीत का नाम निकालने के लिए राजौंद थाने में तैनात एसए महिंद्र, किठाना चौकी प्रभारी मुकेश और होमगार्ड अमन ने उससे तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
बाद में डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इस संबंध में शिकायतकर्ता की ओर से ऑडियो रिकार्डिंग के साथ अंबाला विजिलेंस में शिकायत दी गई। इसके बाद आईपीसी की धारा 384, 389 व 120 बीके तहत आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। केस दर्ज करने के बाद शुक्रवार सायं विजिलेंस की टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए राजौंद थाने पहुंची, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए।
विजिलेंस करनाल की इंस्पेक्टर प्रवीन कुमारी ने बताया कि रिकॉर्डिंग के आधार पर अंबाला विजिलेंस में तीनों आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की विजिलेंस में शिकायत देने की अपील की।
दो निलंबित, एक की सेवाएं होंगी समाप्त-
एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि राजौंद थाना के एसए महेंद्र और किठाना चौकी इंचार्ज को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने पर निलंबित कर दिया गया है। होमगार्ड अमन की सेवाएं समाप्ति के लिए विभाग को लिखा गया है।