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आईटीआई बूथ पर हुए हंगामे के बीच पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

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आईटीआई बूथ पर सोमवार शाम वोटिंग खत्म होने से एक घंटा पहले हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने 75 अज्ञात लोगों के खिलाफ हंगामा और उपद्रव करने का केस ड्यूटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कर लिया है। इसी के साथ पुलिस उपद्रवियों को तलाश रही है। इस मामले में धारा 144 के उल्लंघन का भी धारा लगाई गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की ओर से इस मामले की जांच पड़ताल शुरू हो गई है।
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सोमवार शाम को आईटीआई बूथ पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हुई थी। भीड़ ने कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला के भाई सुदीप सुरजेवाला के साथ आए युवकों को खदेड़ दिया था। आरोप है कि उन पर पथराव भी किया गया था। इस बवाल में कांग्रेस के नेताओं की तीन गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई थीं। हंगामा बढ़ता देखकर सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को वहां से खदेड़ दिया था। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला व भाजपा प्रत्याशी लीला राम गुर्जर भी मौके पर पहुंचे थे। दोनों नेता भी बाद में अपने समर्थकों सहित वापिस चले गए थे। इस दौरान आईटीआई का गेट पूरी तरह से बंद रखा गया। जबकि भीड़ गेट खुलवाने के लिए एडी-चोटी का जोर लगाती रही। लेकिन ड्यूटी मेजिस्टे्रट ने ईवीएम की सुरक्षा को देखते हुए आईटीआई का गेट नहीं खुलने दिया। बाद में जब डीसी डा. प्रियंका सोनी व एसपी विरेंद्र विज मौके पर पहुंचे, तब जाकर आईटीआई का गेट खोला गया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने सभी बूथों पर जाकर एजेंटों से बातचीत की। उनके ब्यान दर्ज किए। इस पूरी प्रक्रिया में 6 बजे के बाद रात्रि करीब 9 बजे तक अधिकारी जुटे रहे। इसके बाद जब सभी एजेंटों ने बिना किसी खत्तरे व दबाव के वोटिंग प्रक्रिया संपन्न होने की बात कही, तब जाकर अधिकारियों ने पोलिंग पार्टियों को वहां से जाने दिया।
ड्यूटी मेजिस्ट्रेट ने दर्ज करवाया मामला:-देर रात तक इस मामले में ना तो कांग्रेस और ना ही भाजपा की ओर से कोई शिकायत पुलिस को दी गई। बाद में ड्यूटी मेजिस्ट्रेट डा. पवन शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें उन्होंने कहा कि आईटीआई बूथ के बाहर धारा 144 लागू होने के बावजूद करीब 75 से अधिक अज्ञात लोगों ने एकत्रित होकर हंगामा किया। आपस में गेट के बाहर झगड़ा किया। जब उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील को भी नहीं माना तो हंगामा बढ़ता देख भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने शिकायत में इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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एसएचओ सिविल लाइन नरेंद्र कुमार कहा कि पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
दिन भर रहा चर्चा का विषय
आईटीआई बूथ पर हंगामे की दिन भर लोगों में चर्चा होती रही। लोग इसे वोटिंग प्रतिशत से जोड़कर देखते रहे। कोई इस विवाद के कारण वोटिंग प्रभावित होने की बात कर रहा था तो कोई इस विवाद को वोटिंग को प्रभावित करने का प्रयास बताता रहा। सुबह लोग इस बात को लेकर भी चर्चा करते दिखे कि आखिर इस मामले में पुलिस में कौन सा पक्ष गया है। बाद में सोशल मीडिया पर एफआईआर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की ओर से दर्ज होने के कारण मामले की चर्चा पर विराम लगा।
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