फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: कलायत में नहर टूटी, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न

Wed, 07 Aug 2024 05:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कलायत (कैथल)। कलायत क्षेत्र में मंगलवार को बालू-सारन गांव के मार्ग के पास सुदकैन नहर का हिस्सा टूटने से आसपास का सैंकड़ों एकड़ कृषि रकबा पानी से पूरी तरह जलमग्न हो गया। इससे बालू, कैलरम, सारन और करीब दो से तीन अन्य गांवों में खेती कर रहे अन्य क्षेत्रों के किसानों की फसलों के साथ-साथ पशु चारा पानी में डूब गया। दोपहर करीब अढ़ाई बजे सिंचाई योजना का बड़ा हिस्सा रेत की तरह पानी के बहाव में बह गया।

बताया जा रहा है कि चलती नहर में बरसाती मोगा (पाइप लगाकर सिंचाई) लगाते हुए यह कटाव हुआ। हालांकि कटाव को रोकने के प्रयास हुए, लेकिन स्थिति अनियंत्रित हो गई। तेज गति से गांवों और खेतों में घुस रह पानी की
विज्ञापन


सूचना मिलते ही तुरंत कलायत उप मंडल सिंचाई विभाग एसडीओ सुमित कुमार, एसडीआर खुशी राम और तकनीकी टीम मौका स्थल पर पहुंची। आपदा के विकराल रूप को देखते हुए मनरेगा मजदूरों, किसानोंं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और आम लोग बचाव कार्य मेंं लग गए।
विज्ञापन


मौके पर हालात नाजुक देख सिंचाई योजना मेंं पीछे से पानी के बहाव को रोका गया लेकिन पानी के बहाव को तत्काल रोक पाना संभव नहीं था। इसलिए जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्राली, मिट्टी बैग, लकड़ी की बल्लियों व अन्य संसाधनों से कटाव को पाटने की योजना पर कार्य शुरू कर िदया गया। एसडीओ सुमित कुमार ने बताया कि सुदकैन नहर दशकों पुरानी है। जिला कैथल के काकौत से निकलकर जिला जींद के उचाना क्षेत्र की तरफ जाती है। सिंचाई योजना के मजबूतीकरण के लिए इससे पक्का करने का कार्य जारी है। इसी बीच किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए सिंचाई योजना में छोड़े गए पानी के दौरान कटाव होने से इसका बड़ा हिस्सा टूट गया। विभाग द्वारा कटाव को बंद करने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य जारी है। किसानों को नुकसान से बचाने के लिए हर संभव प्रयास रहेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें