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Kaithal News: पूंडरी, कलायत और राजौंद में अभियान तेज

Sat, 03 Jan 2026 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पूंडरी। नगर में बढ़ती बेसहारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगरपालिका पूंडरी ने सख्त कदम उठाए हैं। शहर की सड़कों और मोहल्लों में घूम रहे बेसहारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए नगरपालिका द्वारा कुत्ता पकड़ने का टेंडर जारी किया गया है, जिसके बाद विशेष टीम के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है।

लंबे समय से नागरिक बेसहारा कुत्तों के कारण हो रही परेशानियों, रात्रि के समय असुरक्षा की स्थिति तथा बच्चों और बुजुर्गों पर हमले की आशंकाओं को लेकर शिकायतें दर्ज करवा रहे थे। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए नगरपालिका प्रशासन ने यह निर्णय लिया।
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सचिव नरेश कुमार ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रतिदिन 25 से अधिक कुत्ते पकड़े जा रहे हैं। चार दिनों में करीब 100 कुत्तों को पकड़ा जा चुका है, जबकि 350 कुत्तों को पकड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान सफाई निरीक्षक वीरेंद्र कुमार, सफाई दरोगा बाल किशन सहित अन्य नगरपालिका कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।

कलायत में चल रहा नसबंदी अभियान

कलायत। बेसहारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए कलायत नगरपालिका द्वारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर विशेष अभियान शुरू किया गया है। अभियान के नोडल अधिकारी संजीव धीमान ने बताया कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगरपालिका द्वारा कराए गए सर्वे में कलायत नगर में 260 कुत्ते बेसहारा और 40 कुत्ते पालतू पाए गए हैं। नसबंदी अभियान के पहले दिन एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा 20 बेसहारा कुत्तों को पकड़ा गया।

संजीव धीमान ने बताया कि कलायत में फिलहाल बेसहारा कुत्तों के लिए कोई स्थायी आश्रय स्थल उपलब्ध नहीं है। इसलिए पकड़े गए कुत्तों को जींद में बनाए गए शेल्टर होम में ले जाया जा रहा है, जहां नसबंदी के बाद उन्हें छह दिनों तक रखा जाएगा। इसके पश्चात कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई नागरिक अपने पालतू कुत्ते की नसबंदी कराना चाहता है, तो एजेंसी द्वारा यह सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। संवाद

पालतू कुत्तों के लिए कॉलर अनिवार्य

नगरपालिका पूंडरी द्वारा पालतू कुत्तों को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू कुत्तों के गले में अनिवार्य रूप से पट्टा (कॉलर) डालकर रखें। बिना कॉलर पाए जाने वाले पालतू कुत्तों को भी अभियान के तहत पकड़ा जा रहा है।

कैथल और सीवन में अभी तक अभियान नहीं

कैथल और सीवन क्षेत्र में अभी तक कुत्ते पकड़ने का अभियान शुरू नहीं हो पाया है, जिसे लेकर आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।

राजौंद में अब तक हो चुकी 300 नसबंदी

राजौंद। नगर पालिका सचिव नरेंद्र शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 300 कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जा चुकी है। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार राजौंद क्षेत्र में लगभग सभी बेसहारा कुत्तों को कवर कर लिया गया है। साथ ही वार्ड नंबर 5 के गांव खुरड़ा में एक होम सेंटर भी बनाया जाएगा, जहां एक कर्मचारी की स्थायी ड्यूटी लगाई जाएगी। संवाद

गांवों में होगी कुत्तों की नसबंदी

कैथल। डीडीपीओ रितु लाठर ने बताया कि बेसहारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कराया जाना है। इसके लिए खंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। कैथल खंड के लिए एसईपीओ अनुराग दत्त , ढांड खंड के लिए सहायक चांदी राम, गुहला के लिए एसईपीओ चंचल, राजौंद के लिए सहायक बदन सिंह, कलायत के लिए सहायक बलवान सिंह, पूंडरी के लिए एसईपीओ प्रवीनकुमार तथा सीवन के लिए अनुज को नोडल अधिकारी बनाया गया है। संवाद

शिक्षकों पर लावारिस कुत्तों की गणना का बोझ, संघ ने जताया विरोध
कैथल। जिले के 594 शिक्षकों को विद्यालयों में लावारिस कुत्तों की गणना करने की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अनुसार, नोडल अधिकारियों के रूप में नियुक्त शिक्षक विद्यालयों में आने वाले बेसहारा कुत्तों की संख्या की रिपोर्ट संबंधित नगर पालिका या अन्य विभाग को देंगे, जिसके बाद नगर पालिका इन कुत्तों को पकड़ने का कार्य करेगी।
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हालांकि, इस निर्देश पर शिक्षक विरोध दर्ज करा रहे हैं। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला), कैथल ने इस निर्णय को शिक्षकों के पेशेवर दायित्वों के खिलाफ बताया है। संघ के जिला प्रधान राजीव मलिक ने कहा कि शिक्षकों का मूल संवैधानिक और नैतिक दायित्व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्हें पशु प्रबंधन या किसी गैर-शैक्षणिक कार्य में लगाना उनके पेशेवर कर्तव्यों के विपरीत है और इससे शिक्षक समाज की गरिमा व प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है। हसला ने मांग की है कि शिक्षकों को नोडल अधिकारी बनाए जाने संबंधी आदेश वापस लिया जाए। संवाद
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