गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में इस बार दशहरे पर्व पर वार्षिक मेले की बजाए सामाजिक दूरी का ध्यान रख कर दशहरे, एकादशी व द्वादशी पर केवल पूजा-पाठ किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रशासन ने मेला नहीं लगाने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि दशहरे पर बाबा राजपुरी डेरे में तीन दिवसीय विशाल मेला लगता है, जिसमें आसपास के सैकड़ों गांवों सहित हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान व अन्य प्रदेशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पूजा पाठ के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा बाबा राजपुरी डेरे में दूध, फल व मिठाइयों का प्रसाद चढ़ाकर धन-धान्य और पशुधन में सुख समृद्धि की कामना की जाती है।
नहीं सजेंगी दुकानें, कुश्ती दंगल भी नहीं होगा- मेले के दौरान हर वर्ष दर्जनों एकड़ जमीन पर दुकानें सजाई जाती हैं, जहां बच्चे और महिलाएं खरीदारी करते हैं। विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन किया जाता है।
एसडीएम कैथल संजय कुमार ने बताया कि प्रशासन द्वारा इस बार मेला लगाने पर मनाही की गई है। जो श्रद्धालु डेरे में पूजा पाठ करने व प्रसाद चढ़ाने के लिए आते हैं, उनसे भी सामाजिक दूरी व अन्य नियमों का पालन करवाया जाएगा, ताकि कोविड-19 के फैलने का अंदेशा न रहे।
बाबा राजपुरी डेरे के महंत दूजपुरी ने कहा कि दशहरे पर होने वाला पूजा-पाठ प्रशासनिक आदेशों के अनुसार किया जाएगा। सेवादारों द्वारा लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस व प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा।