संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल के टीक परिसर में बुधवार को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, युवा भारत (माई भारत) और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में फ्लैगशिप योजनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसका उद्देश्य देश के युवाओं को केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं से अवगत कराना और उन्हें विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. संजय गोयल ने किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं और युवाओं को इनके लाभ उठाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
जिला युवा अधिकारी मोहित नेहरा ने युवाओं को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए कहा कि योजनाओं की जानकारी उन्हें आत्मनिर्भर बनने और सही दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।
विशेषज्ञों ने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। विष्णु शर्मा ने जल जीवन मिशन पर जल संरक्षण की आवश्यकता बताई, विजेंद्र कुमार ने युवाओं को उद्यमिता के लिए स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी, जबकि प्रवेश कुमार ने आयुष्मान भारत योजना से गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच के बारे में बताया।
कार्यशाला का संचालन डॉ. गोविंद वल्लभ ने किया। इस अवसर पर हिन्दू अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण चंद्र पांडेय, डॉ. हरीश कुमार, डॉ. देवेंद्र सिंह, रोहित कुमार, माई भारत कैथल के स्वयंसेवक सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक व छात्र मौजूद रहे।
यह कार्यशाला युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास साबित हुई।