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कैथल: नियम दरकिनार, वाहनों में बच्चों को खतरा बरकरार

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20-कैथल। एक स्कूल वाहन में ढुस ढुस कर बिठाए बच्चे। - फोटो : Kaithal
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कैथल। एक महीने बाद स्कूलों में दाखिलों के लिए नया सत्र शुरू हो जाएगा लेकिन तमाम निजी स्कूलों की तरफ से वाहनों की समय पर पासिंग नहीं हो रही। नियमों को दरकिनार करके वे वाहनों को दौड़ रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि अभिभावकों को अपने बच्चों को ऑटो और निजी गाड़ियों को लगाना पड़ रहा है। वहीं, कई स्कूलों ने भी बिना अनुमति के ऑटो और निजी गाड़ियों को लगाया है।
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गौरतलब है कि आरटीए के नियम के तहत निजी स्कूलों की ओर से हर वर्ष आरटीए विभाग से पासिंग करवाई जाती है। इस समय कई स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरों से लेकर नंबर प्लेट तक नहीं है। वहीं, प्राथमिक चिकित्सा के बॉक्स भी नहीं है। इससे साफ है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।
जिले में हैं 400 से अधिक निजी स्कूल, एक हजार से अधिक बसें
इस समय जिले में कुल 400 निजी स्कूल हैं। इन सभी निजी स्कूल की ओर से बच्चों के लिए एक हजार से अधिक बसें संचालित की जा रही हैं। अधिकतर बसों में पासिंग के समय तो सभी सुविधाएं दिखाई जाती हैं, लेकिन पासिंग के बाद तुरंत बाद ही यह सुविधाएं बसों में से गायब हो जाती हैं।
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आरटीए कार्यालय में कार्यरत प्रभारी शीशपाल ने बताया कि विभाग की ओर से समय-समय पर स्कूली बसों की भी जांच की जाती है। इस जांच के तहत यह जानकारी ली जाती है कि इसमें सभी सुविधाएं है या नहीं। पासिंग करने के लिए भी एक विशेष टीम बनाई गई है। यदि बसों में सुविधाओं की कमी होती है तो उसकी पासिंग नहीं की जाती है।
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