संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के हनुमान वाटिका के पास स्थित बस अड्डे में बने सार्वजनिक शौचालयों की हालत इन दिनों बेहद बदहाल बनी हुई है। शौचालयों में चारों ओर गंदगी फैली है, नियमित सफाई नहीं हो रही और लगातार बदबू बनी रहती है। इसके चलते बस अड्डे पर आने-जाने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बस अड्डा शहर का प्रमुख यातायात केंद्र माना जाता है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों बसें विभिन्न जिलों और राज्यों के लिए रवाना होती हैं। यात्रियों की आवाजाही अधिक होने के बावजूद शौचालयों की स्थिति प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रही है। कई शौचालयों में पानी की व्यवस्था नहीं है, सिंक टूटे हुए हैं और फर्श पर गंदगी जमी रहती है। जगह-जगह पानी भरा होने से फिसलने का खतरा भी बना रहता है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों की पीड़ा
स्थानीय निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि बस अड्डे से रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं, लेकिन इसके बावजूद शौचालयों की हालत सुधारने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। बदबू इतनी अधिक होती है कि अंदर जाना मुश्किल हो जाता है।
बस का इंतजार कर रहीं महिला यात्री सुनीता ने कहा कि महिलाओं के लिए स्थिति और भी खराब है। साफ-सफाई न होने के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की।
यात्री विजय ने कहा कि सफाई केवल कागजों तक सीमित है। जमीनी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। नियमित निरीक्षण न होने के कारण सफाई कर्मचारी मनमर्जी से काम कर रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। लोगों ने व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
सिंक टूटकर जमीन पर है पड़ा
नमन ने बताया कि शौचालय में सिंक टूटकर जमीन पर पड़ा हुआ है, जिससे यात्रियों के पैर में चोट लगने की आशंका बनी रहती है। फर्श पर गंदगी और पानी जमा रहता है, जिसे साफ नहीं किया जाता। इससे फिसलने का डर भी रहता है। कहा शौचालयों की नियमित सफाई हो।
अनिल ने बताया कि शौचालयों से आने वाली बदबू का असर आसपास की दुकानों पर भी पड़ रहा है। कई-कई दिनों तक सफाई कर्मचारी दिखाई नहीं देते। कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।