दुकानों व निजी प्रतिष्ठानों में जगह ढूंढते हैं स्कूली बच्चे
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शहर में सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर विद्यार्थियों सहित वाहनों के इंतजार में खड़ा होने वाले लोगों की बड़ी समस्या की ओर प्रशासन ने अभी तक ध्यान नहीं दिया है। यहां धूप हो या फिर बरसात, चौक-चौराहों पर आश्रय लेने के लिए कहीं भी बस क्यू शेल्टर नहीं है। नगर परिषद के माध्यम से बस क्यू शेल्टर पर विज्ञापन लगाने सहित कई तरह की योजनाएं बन चुकी हैं। लेकिन यह योजना अभी तक कागजों से बाहर नहीं आई है।
शहर में हजारों की संख्या में स्कूल, कॉलेज के बच्चों सहित शहर की कालोनियों से बस अड्डे व अन्य स्थानों पर जाने के लिए लोगों को वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। कई चौक-चौराहे तो ऐसे हैं, जहां दुकानों के आगे बैठकर मजबूरन स्कूल व कॉलेज छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
यहां है बस शेल्टरों की आवश्यकता
पिहोवा चौक, परशुराम चौक, विश्वकर्मा चौक, करनाल रोड बाईपास, आईजी कॉलेज, आरकेएसडी कॉलेज, डा. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, कमेटी चौक, सीवन गेट, चंदाना गेट, भगत सिंह चौक, कबूतर चौक, जींद रोड बाईपास चौक, चंदाना गेट पर बस शेल्टरों की आवश्यकता है।
विश्वकर्मा चौक स्थित बस का इंतजार कर रही गांव बाबा लदाना निवासी छात्रा शीतल ने कहा कि यह चौक मुख्य चौक है। यहां बस शेल्टर नहीं है। जिस कारण यहां आने वाली सैकड़ों छात्राओं को ऐसे ही रेहड़ी वालों के पास व दुकानों के आगे बैठकर बस का इंतजार करना पड़ता है।