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सुबह और शाम के समय आंखों में हो रही जलन

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कैथल। दो दिन की राहत के बाद वायु प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) फिर से से 300 के पार पहुंच गया है। सोमवार को यह 304 दर्ज किया गया। दूसरी ओर अब सुबह व शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। इससे लोगों को अब सर्दी का एहसास होने लगा है। हालांकि वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण सुबह व शाम के समय आंखों में जलन हो रही है और सांस की बीमारी वाले मरीजों को भी परेशानी होती है।
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गत 26 अक्तूबर को वायु प्रदूषण का स्तर 262 था जो नवंबर महीना शुरू होने के बाद 290 से 370 के बीच रहा रहा है। सोमवार को भी वायु प्रदूषण का स्तर 304 रहा। इससे पहले चार नवंबर को प्रदूषण का स्तर 396 था। धान की कटाई के बाद खेतों में पराली को आग लाने, शहर में भी कचरे के ढेरों में आग लगाने के कारण वायु में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
ऐसे कर सकते हैं वायु प्रदूषण से बचाव
- अगर कहीं धूल उड़ रही हो तो वहां पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए।
- हमारे आस-पास अगर कहीं कचरे में आग लगी हो तो उसे बुझा देना चाहिए।
- निर्माण कार्य की सामग्री को ढक कर रखना चाहिए।
- फसल अवशेषों में आग बिल्कुल नहीं लगानी चाहिए।
- आस-पास के पौधों पर पानी का छिड़काव करना चाहिए ताकि उन पर जमी धूल साफ हो सके।
प्रदूषण का स्तर
वायु प्रदूषण का स्तर 0 से 60 तक अच्छा, 61 से 90 तक सामान्य, 91 से 120 तक खतरा, 121 से 161 तक खराब और 161 से आगे जाने पर ज्यादा खराब हो जाता है। हालांकि हर घंटे में इंडेक्स का स्तर कम ज्यादा होता रहता है।
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पिछले एक सप्ताह का हाल
तिथि एक्यूआई
एक नंबवर 362
दो नवंबर 271
तीन नवंबर 386
चार नवंबर 396
पांच नवंबर 313
छह नवंबर 258
सात नवंबर 304
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़ना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कुछ सावधानियां रख कर भी हम प्रदूषण का स्तर बढ़ने से रोक सकते हैं। आग लगने की घटनाओं के कारण ही प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
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