सीवन। हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पुरण कुमार की आत्महत्या की घटना ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि हरियाणा में अब सरकार नहीं, बल्कि कुछ प्रभावशाली अधिकारी शासन चला रहे हैं और मुख्यमंत्री तक को पूरी जानकारी नहीं रहती कि तंत्र के भीतर क्या चल रहा है।
विधायक ने कहा कि वाई. पुरण कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारी ने अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट लिखा कि कुछ उच्च पदस्थ आईएएस और आईपीएस अधिकारी मिलकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और उनकी छवि धूमिल करने की साजिश रच रहे थे। यह केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि प्रशासनिक गिरोहबाज़ी का संकेत है जो आज पूरे सिस्टम पर हावी है। देवेंद्र हंस ने कहा कि स्थिति बेहद खतरनाक है, जहां मुख्यमंत्री तक को यह पता नहीं कि अधिकारियों के बीच क्या चल रहा है। इससे साबित होता है कि शासन का नियंत्रण कुछ अफसरों के छोटे समूह में सिमट गया है। संवाद