शहर में पुरानी और कंडम इमारतें किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। इनमें से दर्जनों इमारतें तो ऐसी हैं, जिनकी पिछले कई वर्षों से न तो इनके मालिकों ने सुध ली है और न ही अधिकारियों द्वारा इनको दुरुस्त करवाने या हटवाने से संबंधित कार्य करवाया गया है। शनिवार को सुबह हुई बरसात के कारण कमेटी चौक पर एक पुरानी इमारत का मलबा सड़क पर आ गरिा। काफी ईंटें और मिट्टी गिरने से आसपास में बनी दुकानों के बाहर मलबे के ढेर लग गए। वहीं एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि जिस समय इमारत का मलबा गिरा, उस समय कोई दुकान नहीं खुली थी। पास में एक राहगीर की गाड़ी खड़ी थी, जिसके ऊपर ईंटें गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गई।
पास के दुकानदार अशोक, रमेश व सुभाष चुघ ने बताया कि इस समस्या के बारे में शहरवासी कई बार अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। फिर भी समस्या ज्यों की त्यों है। हालांकि कुछ पुरानी इमारतों के बाहर इनकी देखरेख या हटाने के संबंध में नोटिस भी लगाए गए थे, लेकिन उनका भी न तो मालिकों पर कोई फर्क पड़ा और न ही अधिकारियों ने कोई कार्रवाई की है। दोनों पक्षों की अनदेखी के कारण पास में रहने वाले लोगों में भय का माहौल है।
दर्जन भर दुकानें व बाजार में जाने वाला रास्ता है जद में: इस बिल्डिंग के बिल्कुल नीचे केमिस्ट, करियाना सहित कई दुकानें हैं। वहीं सामने की दुकानें भी खतरे में हैं। क्योंकि तीन मंजिला यह जर्जर भवन यदि गिरा तो इन सभी क जद में ले सकता है और बड़ा नुकसान हो सकता है।
शहर में स्थित इन इमारतों के बाशिंदे इन्हें छोड़कर या तो शहर में दूसरे स्थानों पर रहने लगे हैं या फिर दूसरे जिलों या राज्यों में चले गए हैं। ऐसे में इनके हालात दिन-ब दिन खराब हो रहे हैं और परेशानी आसपास में रहने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। ये इमारतें किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रही हैं।
नगर परिषद के ईओ अशोक कुमार ने बताया कि जल्द ही नगर परिषद द्वारा शहर में स्थित पुरानी इमारतों को लेकर सर्वे किया जाएगा। जो इमारतें कंडम पाई जाएंगी, उनके मालिकों को नोटिस दिया जाएगा। अगर फिर भी कोई बिल्डिंग मालिक आदेशों का पालन नहीं करेगा तो नप द्वारा नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।