गांव सौंगल के राजकीय स्कूलों के अनुसूचित, पिछड़ा और गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले परिवारों ने बैंक खातों में बच्चों के स्टाइपेंड की पूरी राशि न आने पर बैंक परिसर के समक्ष धरना प्रदर्शन किया।
नाराज अभिभावकों ने गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार और पंजाब नैशनल बैंक की शाखा के आगे रोष प्रकट किया गया। रोष प्रकट कर रहे 200 से भी अधिक अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों के बैंक खातों में पिछले दो से तीन वर्षों तक के हिसाब किताब में गड़बड़ है।
इनमें से बहुत से अभिभावकों ने बताया कि तीन वर्षों तक बच्चों के बैंक खातों में स्टाई फंड का एक भी पैसा जमा नहीं पाया गया है। वहीं, जितना भी पैसा जमा हो पाया गया है, वह पूरा नहीं है। उन्होंने बताया कि कि नजदीकी गांवों हरसौला और जाखौली के स्कूलों में बच्चों को बैंक खातों में वर्ष 2013-14 का नौ महीने तक का जमा करवाया गया पैसा प्राप्त हो चुका है जबकि सौंगल के स्कूलों में बच्चों के बैंक खातों में वर्ष 2011-12 का पैसा भी नहीं आया है।
आई राशि वापस ट्रेजरी में भेजी, एक सप्ताह लगेगा
इस बारे में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य रणदीप ने बताया कि गांव के दो राजकीय स्कूलों के 900 के लगभग बच्चों के खाते बैंकों में खुले हुए हैं जिनमें सरकार द्वारा स्टाई फंड की राशि जमा करवाई जाती है। सरकार द्वारा भेजी गई पांच लाख के लगभग राशि वापिस ट्रेजरी कैथल में जमा करवाई गई है, जिसे वहां से निकालकर दोबारा बच्चों के खाते में जमा करवाने में एक सप्ताह का समय लगेगा।
इस पर अभिभावकों ने कहा कि बच्चों के बैंक खातों में इससे कई गुणा अधिक राशि जमा नहीं है, जोकि सरकार द्वारा जमा करवाई जा चुकी है। युवा मंडल प्रधान संदीप, ओमप्रकाश, बलबीर, टेकचंद, रामफल, सुरेश, इंद्र, गजिया, चंद्र, शमशेर और ग्रामीणों ने सरकार व जिला प्रशासन से स्कूल प्रधानाचार्य रणदीप और लिपिक के खिलाफ कार्रवाई और जवाब तलबी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अगले दो दिनों तक बच्चों के बैंक खातों में पूरा पैसा जमा नहीं हुआ तो वे स्कूल व बैंक को ताला लगाने के विवश हो जाएंगे।
कोट
सरकार द्वारा स्टाई फंड का पैसा सीधा बच्चों के बैंक खातों में जमा करवाया जाता है। जमा की गई राशि नकद पैसे के रूप में प्रधानाचार्य या अन्य किसी द्वारा नहीं निकाली जा सकती है। इसे फार्म भरकर ही ट्रेजरी में वापस किया जा सकता है। वर्ष 2013-14 का पिछले तीन माह का जो पैसा बच्चोें के बैंक खातों में नहीं आया है, उसकी भी जांच पड़ताल चल रही है। सौंगल गांव के स्कूलों में पिछले तीन से तीन वर्षों तक बच्चों के बैंक खातों में पैसा जमा न होने का मसला विचारणीय है।
- शमशेर सिरोही, उप जिला शिक्षा अधिकारी।