संवाद न्यूज एजंसी
पूंडरी/कैथल। बाकल गांव में सामूहिक आत्महत्या के मामले में प्रारंभिक छानबीन में यही बात सामने आई कि निशा और पूजा गहरे मानसिक तनाव में थी। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में नामजद कराया गया जितेंद्र उर्फ काला दोनों को फोन पर कभी धमकी देता था तो कभी मैसेज भेजकर डराता था। इन्हीं धमकियों की वजह से दोनों बहुत परेशान थीं। इसी अवसाद की वजह से पहले निशा और फिर पूजा मायके आ गई। आसपास के लोगों का कहना है कि दोनों बेटियों के इस तरह मायके आ जाने से गुड्डी देवी अवसाद में आ गई।
जितेंद्र अपनी पत्नी और साली को अश्लील मैसेज भी भेजता था। निशा को तो शादी के बाद से ही परेशान करने लगा था। दोनों के दो बच्चे हैं। पूजा के पति अनिल ने बताया कि जितेंद्र के धमकी भरे फोन और मैसेज ही इस घटना की वजह बने हैं। इस वजह से निशा और पूजा तनाव में आईं। पुलिस ने गुड्डी देवी के पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी बात की है। सभी ने एक ही बात कही है कि घटना के लिए जितेंद्र ही जिम्मेदार है। निशा और पूजा के रिश्ते के दादा मलखान सिंह ने बताया कि सुबह एक रिश्तेदार से उन्हें घटना की जानकारी मिली। इस पर वह घर गए। वहां तीनों के शव पड़े मिले। मलखान सिंह ने बताया कि गुड्डी देवी एक मजबूत और मेहनती महिला थी, जिसने पति की मौत के बाद कभी हार नहीं मानी, लेकिन बेटियों की परेशानियों ने उसे तोड़ दिया।
सामूहिक आत्महत्या से गांव में पसरा मातम
मां और दो बेटियों के आत्महत्या के मामले से गांव में मातम पसर गया है। गुड्डी देवी के घर के बाहर सुबह ही भारी भीड़ जमा हो गई। हर किसी की जुबां पर ही बात थी, ऐसा क्या हुआ जो तीनों को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा। आसपास के घरों में चूल्हे भी नहीं जले। सूचना पर पुलिस की फील्ड यूनिट भी पहुंची। मौके से कीटनाशक के नमूने लिए गए। लोगों ने बताया कि फोन से नीरज को घटना की जानकारी दे दी गई है। वह अमेरिका से आएगा। देर शाम तक कई रिश्तेदार पहुंच गए थे।