किसानों के दिल्ली कूच आंदोलन के तहत पंजाब बॉर्डर पर जिला पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पंजाब से आने वाले किसान पुलिस नाके के चलते हरियाणा में प्रवेश नहीं कर पाए। जिस कारण कुछ देर पंजाब क्षेत्र में नारेबाजी करके किसान लौट गए। बताया जा रहा है कि बॉर्डर के निकट स्थित गांवों के गुरुद्वारों में ये किसान रुके हैं। आज दिल्ली कूच कर सकते हैं। हालांकि कई किसान दिल्ली के लिए निकलने में भी सफल रहे। वहीं पुलिस ने दो दिनों में तीन किसान नेताओं को हिरासत में लिया है। जिले में किसानों व कर्मचारियों आंदोलन के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार किसानों के दिल्ली कूच को लेकर गुहला प्रशासन द्वारा पंजाब हरियाणा की सीमा से सटे सात नाकों पर भारी पुलिस बल तैनात कर रखी है। अभी तक कोई भी वाहन पंजाब से हरियाणा के गुहला चीका क्षेत्र से होकर गुजरने नहीं दिया गया। डीएसपी गुहला किशोरी लाल ने बताया कि पंजाब क्षेत्र में कुछ किसानों ने प्रदर्शन जरूर किया था, लेकिन हरियाणा बॉर्डर को क्रॉस करने का उनको कोई मौका नहीं दिया गया। कोई भी किसान पंजाब क्षेत्र से हरियाणा में दाखिल होकर दिल्ली नहीं गया। माहौल को देखते हुए एसपी कैथल शशांक कुमार सावन ने भी क्षेत्र का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली और महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
10 किसानों का जत्था दिल्ली के लिए गुपचुप निकले- युवा किसान नेता हरदीप सिंह बदसूई ने बताया कि वह अपने 10 साथियों के साथ दिल्ली कूच के लिए निकल चुके हैं और कुरुक्षेत्र क्रॉस कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूरे हरियाणा से हजारों किसान दिल्ली पहुंचेंगे और अपना रोष प्रदर्शन करेंगे।
किसान नेता विक्रम कसाना व 3 अन्य को लिया हिरासत में
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दिल्ली कूच प्रदर्शन में हरियाणा रोडवेज की बस में सवार होकर जा रहे युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता विक्रम कसाना सहित 3 अन्य किसान धर्मबीर कौल, नन्हा राम कौल व पृथ्वी सिंह कौल को ढांड पुलिस ने गांव पबनावा में गिरफ्तार कर लिया गया। विक्रम कसाना ने पुलिस द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी का विरोध भी किया, लेकिन पुलिस पर इसका कोई असर नहीं हुआ। गिरफ्तारी दौरान किसान नेता विक्रम कसाना ने कहा कि भारत देश एक आजाद देश है और हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सत्ता के नशे में सरकार किसानों को रोक रही है। दूसरी तरफ कस्बे में गांव जाजनपुर, पबनावा व कौल में लगाए नाकों पर कल शाम से पुलिस कर्मचारी पूरी मुस्तैद दिखी। ढांड थाना प्रभारी धर्मपाल सिंह ने बताया कि किसान विक्रम कसाना के साथ अन्य तीन किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया था और विक्रम कसाना का विभिन्न धाराओं के तहत चालान काटकर कैथल कोर्ट में पेश कर दिया गया है, जबकि 3 अन्य बुजुर्ग किसानों को छोड़ दिया गया है।
दिल्ली घेराव और हड़ताल को लेकर लगाई धारा 144
कैथल। जिलाधीश सुजान सिंह ने कहा है कि भारतीय किसान यूनियन के नेताओं द्वारा किसानों से 26 नवंबर को दिल्ली घेराव का आह्वान किया गया है। इसके साथ-साथ हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ द्वारा भी 26 नवंबर को हड़ताल पर जाने का एलान किया गया है। इसलिए कैथल में कानून व्यवस्था बनाएं रखने के लिए तुरंत प्रभाव से 27 नवंबर स्थिति सामान्य होने तक धारा 144 लगाने के आदेश पारित किए गए है। प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक व शरारती तत्वों द्वारा गड़बड़ी फैलाकर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने व रोड जाम करने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए कानून व्यवस्था को बनाएं रखने के लिए जिला में धारा 144 लगाने के आदेश जारी किए गए है। किसी के दोषी पाए जाने पर आईपीसी की धारा 188 के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसपी शशांक सावन ने कहा कि पुलिस स्थिति पर नजर रखे है। कुछ किसान पंजाब की ओर से आए थे, जो नारेबाजी करके चले गए। किसान व कर्मचारी संगठनों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है।