राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि पुस्तकें हृदय, दिमाग व आत्मा को स्वच्छ बनाने का काम करती हैं। बाहरी सुंदरता के लिए तो साबुन, इत्र व कॉस्मेटिक उपलब्ध हैं। लेकिन पुस्तकों से ही आंतरिक सुंदरता व स्वच्छता लाई जा सकती है। इंद्रेश कुमार हरियाणा ग्रंथ अकादमी द्वारा जाट कॉलेज में आयोजित किए पहले पुस्तक मेले में पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि नवग्रह कुंडों की धरती कैथल से पुस्तक मेलों का शुभारंभ सराहनीय है। पुस्तक मेलों के आयोजन से कई फायदे होते हैं। हजारों पुस्तकें एक जगह मिल जाती हैं। जहां से मनपसंद पुस्तकें खरीदी जा सकती हैं। पुस्तकों के माध्यम से जीवन को सफल बनाने का रास्ता मिल सकता है। इस तरह के मेलों से हरियाणा, हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। ग्रंथ अकादमी ने यह सराहनीय कार्य किया है। इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत-भूषण भारती, ग्रंटा अकादमी के डायरेक्टर डा. बीडी शर्मा, रविभूषण गर्ग आदि मौजूद थे। इंद्रेश ने सभी स्टॉलों पर जाकर पुस्तक मेले का भ्रमण किया और कई पुस्तकें खरीदीं।
इससे पूर्व सुबह डीसी संजय जून ने पुस्तक मेले का शुभारंभ किया। इस मेले में प्रदेश भर से करीब 22 प्रकाशक अपनी पुस्तकें लेकर पहुंचे हैं। चार दिनों तक चलने वाले मेले के पहले दिन कई स्कूलों के बच्चों ने भी मेले का भ्रमण किया। डीसी ने शुभारंभ अवसर पर कहा कि पुस्तकों के अध्ययन से ज्ञान में बढ़ोतरी होती है तथा निरंतर अध्ययन से मानसिकता में बदलाव आने से व्यक्ति की जीवन शैली बदल जाती है, इसलिए पुस्तकों को अपना मित्र बनाकर इनका अध्ययन करके अपने ज्ञान में बढ़ोत्तरी करनी चाहिए। युवाओं को चाहिए कि वे पढ़ने की आदत डालें।
हरियाणा ग्रंथ अकादमी के निदेशक डा. विजय दत्त शर्मा ने अतिथिगणों का स्वागत करते हुए कहा कि कोई भी संस्था अपने निर्धारित लक्ष्यों को लेकर चलती है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी का उद्देश्य साहित्य का प्रकाशन करके उसका प्रचार-प्रसार ज्यादा से ज्यादा लोगों तक करना है। हरियाणा के इतिहास लोक साहित्य कला विषय की 100 पुस्तकें प्रकाशित की जा चुकी हैं। अकादमी द्वारा प्रकाशित 360 से अधिक पुस्तकों में हरियाणा की संस्कृति व साहित्य से संबंधित सामग्री प्रकाशित की है।
इस अवसर पर नगर परिषद के चेयरमैन यशपाल प्रजापति, धर्मपाल शर्मा, सीटीएम विरेंद्र सांगवान, शिक्षण संस्था के प्रधान रणबीर ढुल, राजपाल तंवर, श्याम सुंदर गर्ग, प्रो. केके अग्रवाल, एएल मदान, प्रो. बीबी भारद्वाज, शिव शंकर पाहवा, राधे श्याम, मनोज शर्मा उपस्थित रहे।