संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत में अनुसूचित वर्ग की आवासीय कालोनियों में विभिन्न गलियों के नव निर्माण के लिए जारी करीब ढाई करोड़ रुपये के टेंडर की आड़ में बड़े पैमाने पर पुराने ब्लॉक्स को खुर्दबुर्द करने का मामला सामने आया है। गोलमाल की भनक शहरवासियों को तब लगी जब रातों-रात गलियों से पुराने ब्लॉक्स को ट्रालियों में भरकर उठान कर दिया गया।
आवासीय क्षेत्र के लोगों व समाजसेवी संगठनों ने इसे निर्माण कार्य प्रक्रिया का हिस्सा माना, लेकिन पड़ताल करने पर पता चला कि ब्लॉक्स न तो नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और न ही नगर पालिका प्रशासक को इनका कोई ब्योरा दिया गया। इधर से उधर ट्रालियोंं व अन्य वाहनों के जरिये ब्लॉक्स की सप्लाई करने के कुछ साक्ष्य भी सामने आ गए। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया।
हर कोई यह सोचकर हैरान था कि करीब एक दर्जन गलियों से उखाड़े गए लाखों ब्लॉक्स को आखिरकार जमीन निगल गई या आसमान।
इस पर बुधवार को आनन-फानन मेंं न केवल गलियों से उखाड़े गए ब्लॉक्स की स्थिति जानने को नगर पालिका सचिव पवन कौशिक और अभियंता अशोक कुमार टीम के साथ विभिन्न निर्माण स्थलों पर पहुंचे बल्कि निर्माण कार्य की जांच-पड़ताल भी शुरू की।
राजकुमार, हिश्म सिंह, कृष्ण कुमार, विनोद, विकास व जोगेंद्र सिंह का कहना है कि सरकार ने अनुसूचित वर्ग के आवासीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने को चार करोड़ 77 लाख रुपये का बजट जारी किया है।
इनमेंं गलियां, सामुदायिक केंद्र व अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं, लेकिन जिस प्रकार गलियों के निर्माण के नाम पर ब्लॉक्स को खुर्दबुर्द करने के साथ-साथ निर्माण कार्य में गोलमाल किया जा रहा है वह उच्च स्तरीय जांच का विषय है।
विभिन्न गलियों से पुराने इंटरलाक पेवर ब्लॉक्स का मामला संज्ञान में आया है। नगर पालिका अधिकारियों को गलियों से उखाड़े गए ब्लॉक्स का पुख्ता रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर किसी प्रकार की अनियमितता सहन नहीं होगी। इसके लिए अलग से जांच कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। -सत्यवान सिंह मान, एसडीएम, कलायत