संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में इन दिनों काला पीलिया (एचसीवी वायरस) और हेपेटाइटिस ए, बी व सी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर माह औसतन करीब 300 मरीज जांच व उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बीते छह माह के भीतर ही काला पीलिया से पीड़ित मरीजों की संख्या 2000 के आंकड़े को पार कर चुकी है।
चिकित्सकों के अनुसार प्रतिदिन अस्पताल में आने वाले मरीजों में से 10 से 15 मरीज एचसीवी वायरस (काला पीलिया), हेपेटाइटिस बी या सी से संक्रमित पाए जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि सरकार की ओर से इन बीमारियों के उपचार के लिए नि:शुल्क दवाइयों की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में आने वाले अधिकतर मरीजों की खून की जांच की जा रही है, जिससे बीमारी की समय रहते पहचान हो पा रही है।
चिकित्सकों ने बताया कि हेपेटाइटिस सी के मरीजों को तीन माह तक और हेपेटाइटिस बी के मरीजों को छह माह तक लगातार दवाइयां दी जाती हैं। प्रदेश सरकार द्वारा एचसीवी वायरस और हेपेटाइटिस पर नियंत्रण के लिए सभी जिलों में उपचार की व्यवस्था की गई है। इसी कारण नागरिक अस्पताल कैथल में केवल जिले के मरीजों का ही उपचार किया जा रहा है, जबकि अन्य जिलों से आने वाले मरीजों को उनके
संबंधित जिले में इलाज कराने की सलाह दी जाती है, ताकि उनका पूरा मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रह सके और बेहतर उपचार हो सके।
चिकित्सकों के अनुसार इन बीमारियों के फैलने का एक बड़ा कारण वर्टिकल ट्रांसमिशन है। यदि कोई व्यक्ति इससे संक्रमित होता है, तो उसके परिवार के अन्य सदस्यों या अगली पीढ़ी में भी संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा दूषित खानपान, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और अस्वच्छ जीवनशैली भी इन रोगों को बढ़ावा दे रही है।
सबसे गंभीर कारण नशे का बढ़ता प्रचलन बताया जा रहा है। हरियाणा का पंजाब से सटा होना युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है। नशे की हालत में कई युवा एक ही सीरिंज का बार-बार या सामूहिक रूप से प्रयोग करते हैं, जिससे ये बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
ये बरतें सावधानी
चिकित्सकों का कहना है कि इन बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता सबसे जरूरी है।
खाना खाने से पहले और बाद में हाथ अच्छी तरह धोएं।
शौचालय के उपयोग के बाद हाथ साफ करें।
घर का बना शुद्ध भोजन करें, बाहर के दूषित खाने से बचें।
सीरिंज और सूई का एक बार ही प्रयोग करें।
पीलिया या हेपेटाइटिस के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच व उपचार कराएं।
जिले में पीलिया और हेपेटाइटिस ए, बी व सी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। लोगों को खानपान और स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि समय रहते इन बीमारियों से बचा जा सके।
-डॉ. अंकिता सांगवान, फेमिली फिजिशियन, नागरिक अस्पताल