भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी के गठबंधन से चल रही सरकार के गठबंधन पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच विधायक कैथल लीला राम ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से वे भाजपा व जजपा नेताओं की बयानबाजी देख व सुन रहे हैं। असल बात यह है कि गठबंधन से न तो जजपा का और न ही भाजपा का नुकसान है।
जब-जब गठबंधन में लोकदल परिवार के साथ मिलकर भाजपा ने चुनाव लड़ा है, तब दोनों दल सत्तासीन हुए हैं। जब-जब अलग चुनाव लड़ा है तो एक बार को छोड़कर कभी कोई पार्टी पूर्ण बहुमत तक नहीं पहुंची है। इसीलिए भाजपा-जजपा का गठबंधन दोनों दलों के लिए लाभदायक है।
पिछले काफी दिनों से भाजपा के कार्यक्रमों से दूरी बनाने वाले विधायक लीला राम अब भाजपा और जजपा में चल रही खींचतान पर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। क्षेत्र में अधिकारियों द्वारा काम नहीं किए जाने से नाराज विधायक लीला राम मुख्यमंत्री से भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण काफी समय से भाजपा से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर वे भाजपा और जजपा गठबंधन की हिमायत भी कर रहे हैं, इसके पीछे भी राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।
उनका कहना है कि जजपा के हर हलके में सौ से दो सौ तक कार्यकर्ता हैं। यदि गठबंधन होगा तो वे निश्चित तौर पर भाजपा के लिए भी काम करेंगे। इसी प्रकार से भाजपा का बड़ा संगठन है। गठबंधन हुआ तो जजपा को भाजपा के संगठन का लाभ मिलेगा। दूसरी ओर यदि दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे तो दोनों दलों के कार्यकर्ता एक दूसरे के खिलाफ चुनाव में आमने-सामने होंगे। ऐसे में दोनों ही दलों को नुकसान होगा।