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Kaithal News: पांच अक्तूबर को जन्मदिन... छुट्टी आने पर होनी थी शादी की बात

Thu, 11 Sep 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादी मुठभेड़ में बलिदान देने वाले रोहेड़ा निवासी 28 वर्षीय लांस नायक नरेंद्र सिंधु की अंतिम विदाई के दौरान सभी की आंखें नम थी। अगले महीने अक्तूबर की 5 तारीख को नरेंद्र का जन््मदिन था और उन्हें छुट्टी पर आना था। तब उनकी शादी की बात की जाने की तैयारी चल रही थी।

परिवार के ताऊ के बेटे विक्रम ने बताया कि शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। जब उनका ट्रांसफर जम्मू-कश्मीर से बाहर होकर आसपास होगा, तब शादी की योजना थी। विक्रम ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी नरेंद्र से अंतिम बार बातचीत में उन्होंने घर-परिवार के हाल-चाल पूछे थे। नरेंद्र ने कहा था कि सब ठीक हैं तो बस अपना ख्याल रखना।
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नरेंद्र के छोटे भाई विरेंद्र के अमेरिका में होने की वजह से चचेरे भाई अंकित ने उन्हें मुखाग्नि दी। नरेंद्र के दादा सूबे सिंह भी सेना में थे। नरेंद्र अपने चाचा के साथ ही सेना में भर्ती हुए थे। नरेंद्र सिंधु की पार्थिव देह के घर आते ही चचेरे भाई का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

परिजनों के मुताबिक नरेंद्र करीब आठ साल पहले फौज में भर्ती हुए थे। इस समय वे राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। चार साल पहले ही उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में हुई थी। वे अभी अविवाहित थे। नरेंद्र अंतिम बार करीब साढ़े तीन महीने पहले अपने घर पर छुट्टी पर आए थे। करीब एक महीना घर रहने के बाद करीब तीन महीने पहले वे अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। गत सोमवार को उनके शहीद होने की सूचना कैथल पहुंची थी। इसके बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल रहा। नरेंद्र ने अपनी 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की और बाद में सेना की तैयारी की और सेना में भर्ती हो गए। गत सोमवार को दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में उनका बलिदान हो गया।
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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए, हरियाणा की माटी के वीर सपूत, गांव रोहेड़ा (कैथल) निवासी शहीद लांसनायक नरेंद्र सिंधु को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। दु:ख की इस कठिन घड़ी में हम सब शहीद के शोकाकुल परिवार के साथ एकजुट हैं। मातृभूमि की सेवा में उनका यह बलिदान सदैव याद किया जाता रहेगा। -नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री (एक्स पर पोस्ट)
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