संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के हनुमान वाटिका मंदिर में आयोजित की जा रही पांच दिवसीय श्री राम चरित मानस पाठ की कथा दूसरे दिन भी जारी रही। पाठ के दूसरे दिन भी स्वामी ध्रुव चैतन्य सरस्वती ने भगवान राम सहित अन्य तीनों भाइयों के चरित्र का वर्णन किया। बताया कि भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र के अवतार भरत को बताया गया है।
गौरतलब है कि मंदिर परिसर में भव्य श्री राम दरबार सजाया गया है। इस राम दरबार में श्रद्धालु काफी संख्या में माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। स्वामी ध्रुव चैतन्य सरस्वती ने बताया कि भरत चरित्र रामायण का एक प्रसंग है। इस चरित्र में त्याग, संयम, धैर्य और ईश्वर प्रेम की कहानी है। बताया कि भरत भगवान राम के छोटे भाई थे। माता कैकई के पुत्र भरत और शत्रुघ्न थे। भरत को भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का अवतार बताया जाता है।
उन्होंने बताया कि भरत ने राजतिलक का परित्याग कर भाई प्रेम की मिसाल पेश की थी। भरत ने अपने बड़े भाई राम को राज्य वापस लौटा दिया था। भरत ने सीता की बहन मांडवी देवी से विवाह किया था। मांडवी देवी को रति देवी का अवतार बताया जाता है। भरत चरित्र का प्रत्येक प्रसंग धर्म सार है। भरत चरित्र को नियम से सुनने से राम जी के चरणों में प्रेम उत्पन्न हो जाता है। यह कथा अपराह्न दोपहर साढ़े तीन बजे शुरू होती है।
इस मौके पर हनुमान वाटिका मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित विशाल शर्मा, सोनाली, बृजेश, ईवा, सरोज, मनप्रीत, दिनेश आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।