किसान संगठनों के भारत बंद के आह्वान का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। किसानों ने जहां हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर 5 जगह सहित जिले में दर्जन भर सड़कों पर जाम लगाया। वहीं शहर में बारह बजे से तीन बजे तक 70 प्रतिशत तक दुकानें बंद रहीं। नेशनल हाइवे चंडीगढ़-हिसार मार्ग पर मुख्य रुप से तितरम मोड़, कलायत कैलरम, शिमला और क्योड़क के अलावा चीका में शहीद उधम सिंह चौक, सीवन में पटियाला रोड, कांगथली, पाई, जाखौली, कसान, कुरुक्षेत्र रोड पर पबनावा में धरना प्रदर्शन व जाम लगाए। सभी जगह किसानों ने इमरजेंसी वाहनों, विवाह समारोह जैसे वाहनों में सवार लोगों को रास्ता दिया।
तितरम मोड़ पर किसान 11 बजे जुटना शुरू हो गए थे। जहां हिसार, जींद, पानीपत की ओर से चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र, यमूनानगर, पटियाला की ओर जाने वाले वाहनों को रोककर दोपहर 12 बजे जाम लगा दिया। जो तीन बजे तक चला। किसानों के साथ-साथ कर्मचारी संगठन, खाप पंचायतों के प्रतिनिधि व युवा संगठनों से जुड़े लोग भी भारत बंद के किसानों के आंदोलन में शामिल रहे। इससे पूर्व जवाहर पार्क में जिलेभर से पहुंचे किसान संगठनों द्वारा जनसभा की गई। उसके बाद कुछ लोगों को दुकानदारों से दुकानें बंद करने की अपील करने के लिए भेजा गया। किसान नेताओं भरत सिंह बैनीवाल, सुरजीत बैनीवाल, संदीप भाल, बिल्लू चंदाना, विजेंद्र धारीवाल, केसा राम प्यौदा, जयभगवान, जगबीर प्यौदा, रणबीर ढुल पाई, संदीप सिंह, प्रेम सिंह, सरदार सुखजीत सिंह, रामकिशन, चरण सिंह, सुनील सहारण, संजीव छौत, ईश्म सिंह, विक्रम व जगप्रीत ने कहा कि सरकार तीनों कानून वापस ले। अन्यथा आंदोलन तेज होगा।
तीन घंटे से ज्यादा समय तक लगे जाम के कारण पुलिस द्वारा वाहनों के लिए रूटों को डायवर्ट किया गया। जाम स्थल से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया। जिन वाहनों को जींद की तरफ जाना था, उन्हें हरसौला, चंदाना व अन्य गांवों की तरफ से निकाला गया। वहीं नेशनल ह्राइवे पर वाहनों की संख्या काफी कम रही।
अनाज मंडी में आढ़तियों ने किया पूर्ण समर्थन- किसान आंदोलन के समर्थन में जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी शोरेवाला की अगुवाई में आढ़तियों ने नई व पुरानी अनाज मंडी में पूर्ण बंद रखा। आढ़तियों, मुनीम व मजदूरों ने प्रदर्शन कर जवाहर पार्क में धरना दे रहे किसानों को समर्थन दिया।
रणदीप सुरजेवाला को करना पड़ा विरोध का सामना-तितरम मोड़ पर किसानों के जाम स्थल पर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। करीब दो बजे सुरजेवाला किसानों के बीच पहुंचे थे। उनके पहुंचते ही युवा किसानों ने विरोध व नारे लगाने शुरू कर दिए। किसानों ने कहा कि यह पहले ही बताया गया था कि इस आंदोलन को राजनीतिक रूप नहीं लेने देंगे। इसके बाद सुरजेवाला बिना संबोधन दिए ही लौट गए।
किसानों ने शहीद उधम सिंह चौक पर हजारों की संख्या में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता हरदीप बदसूई व गुरमीत सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। गुहला बार एसोसिएशन के प्रधानत जीवानंद कौशिक सभी वकीलों के साथ धरना स्थल पर धरना दिया। कैथल रोड पर पीडल से होकर पटियाला के लिए ट्रैफिक भेजा गया। गुरुद्वारा शहीद गुरु तेग बहादुर जी महाराज के गुरुद्वारे में सुबह से लेकर शाम तक चाय का लंगर और भोजन का लंगर लगातार चलता रहा। इमरजेंसी सेवाओं के तहत जिन लोगों ने गुजरना चाहा, उन्हें जाने दिया गया। आंदोलन में किसान यूनियन के रणजीत सिंह, गजेंद्र सिंह, सतीष सेघा, रतिराम बलविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, गुरजीत सिंह, जसपाल सिंह, रमेश जैन, गुरजंट सिंह, बब्बू, नोदी चीका, चरणजीत कौर, सर्वजीत कौर, बलविंद्र, बलजिंद्र, कमल, जोगिंदर सिंह, सुरजीत सिंह, कपिल शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेस वेलफेयर ट्रस्ट ऑफ इंडिया, भाग सिंह, बलविंदर सिंह, राम कुमार बाल्मीकि, सुभाष चंद्र दीपक कालड़ा, भाग सिंह, बलजिंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह सहित सैकड़ों लोगों ने संबोधित किया।
कृषि बिलों को लेकर किसानों ने उपमंडल के गांव शिमला, कैलरम व कलायत में राष्ट्रीय राजमार्ग को सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक पूरी तरह से जाम रखा। ट्रैक्टर ट्रालियों को सड़क के बीचों बीच रखा करके रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। केवल एंबुलेंस व विवाह के वाहनों को ही रास्ता दिया जा रहा था। किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेट की अपना विरोध दर्ज करवाया। नगर के विभिन्न व्यापारी संगठनों ने भारत बंद में शामिल होने का आह्वान पहले से ही किया गया था। मंगलवार को सुबह से बाजार पूरी तरह से बंद रहे। किसी भी राजनीतिक दल या किसान संगठन ने आकर बाजारों को बंद ही करवाया बल्कि दुकानदारों ने स्वेच्छा से ही अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे। गांवों के किसानों के अलावा सहारण खाप, मौण खाप, अनाज मंडी के व्यापारी, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन, आशा वर्कर यूनियन व सीटू के पदाधिकारियों ने अपनी प्रतिभागिता दर्ज करवाई। सहारण खाप प्रधान रामपाल सहारण ने कहा कि हकों के लिए सड़कों पर झोपड़ी डाल कर रहने को तैयार हैं किसान। बंद में आपातकालीन वाहन व विवाह के वाहनों को ही निकलने दिया जा रहा है। जो अन्य वाहन फंसे थे, उनके लिए चाय नाश्ते का पूरा प्रबंध किया गया है। मौण खाप प्रधान धूप सिंह, किसान नेता गुरुनाम सिंह सहारण, साधू राम कौलेखां, मास्टर बलबीर सिंह, कामरेड सत्यवान, कृष्ण नंबरदार भालंग, जगमग मटौर, सुरेंद्र सरपंच भालंग, डा.सतीश मटौर, जगबीर सिंह, प्रदीन, सुरेंद्र, रमेश, कृष्ण, एडवोकेट मनोज ढांडा, राजा राम, ऋषिपाल, हजुरा राम, दयानंद, गंगा दयाल, किसान संघ से हरपाल सिंह, रामा कुराड़, जरनैल सिंह बात्ता, जनक सिंह, जसवंत राणा, ओमप्रकाश, सुरेश चौशाला, संजय बुरा, जोनी राणा, प्रदीप कुराड़, राममेहर, शक्ति सिंह, जोनी राणा, सतपाल सिंह और अन्य पदाधिकारियों ने किसानों को संबोधित किया।
bharat band- फोटो : Kaithal
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