संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। प्रदेश में धान घोटाले और बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा न मिलने से भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी गुस्से में है। धान घोटाला और बाढ़ मुआवजे के मुद्दे पर भाकियू चढूनी ने 20 को जिला स्तर पर प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
इसी मुद्दे को लेकर वीरवार को गुहला हलके के बाढ़ प्रभावित किसानों की बैठक गांव भागल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा ने की, जबकि संचालन सुभाष भागल ने संभाला। बैठक में चमकौर बनेड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि खरीद एजेंसियां, मार्केट कमेटी के सचिव, आढ़ती और राइस मिलरों ने मिलकर प्रदेश में लगभग पांच हजार करोड़ रुपए का धान घोटाला किया।
चमकौर बनेड़ा ने कहा कि अगस्त-सितंबर में आई बाढ़ से कई जिलों में धान की फसलें बर्बाद हुईं। गुहला में 40 हजार एकड़ धान तबाह हो गया। सीएम नायब सैनी ने मुआवजा देने का एलान किया था, लेकिन भरपाई नहीं मिली। भाकियू चढूनी 20 जनवरी को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी। बैठक में जिला उपाध्यक्ष केवल सदरेहड़ी, पाला राम, रतना भागल और तमाम किसान मौजूद रहे।