शुक्रवार देर रात शुरू हुई बारिश ने ठंड तो बढ़ा दी लेकिन गेहूं की फसल के लिए बहुत ही उपयोगी बताई जा रही है। यह गेहूं के सीजन में पहली बरसात थी किसानों के लिए यह बरसात सोने से कम नहीं। वहीं निचली बस्तियों में जरूर लोगों का घरों से निकलना दुर्भर रहा। उधर शहर की कई बस्तियां में गलियों के कच्चा होने के कारण यही बरसात लोगों के लिए मुसीबत बन गई। वहीं करनाल रोड पर सीवरेज डालने के बाद कच्ची पड़ी सड़क पर बारिश होने से कीचड़ हो गया। इससे पास की कॉलोनियों में लोगों को आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कॉलोनीवासी हरसौला बस्ती वासी सोनू, राजू, विक्रम, दीपक, सुनील व रिंकू ने बताया कि पिछले दो महीने से करनाल रोड पर सीवरेज का काम चल रहा था, सीवरेज तो डल गए हैं, लेकिन सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। इससे सड़क पर जमा मिट्टी से बारिश होते ही कीचड़ हो गया। जिससे पास की सभी कॉलोनी वासियों को कीचड़ से होकर ही निकलना पड़ रहा है।
मंडी में भीगी धान की ढेरियां- वहीं बारिश से अनाज मंडी में सीवर के बंद होने से मंडी में तालाब जैसे हालात बन गए। नई अनाज मंडी में बरसात के कारण खुले आसमान के नीचे पड़े धान के सैकड़ों कट्टे व खुली ढेरियां भीग गई। इससे किसानों को नुकसान की संभावना है।
औसतन 6.71 एमएम हुई बारिश- राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्ण सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा बरसात ढांड क्षेत्र में 19 एमएम दर्ज की गई। इसके अलावा सीवन में 01 एमएम जो कि सबसे कम बारिश दर्ज हुई है। कलायत में 04 एमएम, कैथल में 08 एमएम और पूंडरी में 05 एमएम, राजौंद में 02 एमएम व गुहला में 08 एमएम बरसात हुई है।
बारिश होने से मौसम में हुई गिरावट-कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि बरसात के बाद जिले का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे मौसम में नमी रहेगी व धुंध होने की संभावना रहेगी। वहीं बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभकारी है। मौसम में जितनी नमी होगी फसल में उतना ही अधिक फुटाव होगा। इससे अधिक पैदावार होगी।