संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। अनाज मंडी चीका में धान खरीद प्रबंधों से नाराज इनेलो कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने किया। प्रदर्शन के बाद इनेलो नेताओं ने मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में इनेलो नेताओं ने बताया कि अनाज मंडियों में धान खरीद के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि धान का समर्थन मूल्य 2369 और 2389 रुपये निर्धारित किया गया है, लेकिन नमी के नाम पर 200 से 300 रुपये तक की कटौती की जा रही है।
माजरा ने बताया कि खरीद एजेंसियों के पास धान की नमी मापने के लिए पर्याप्त मीटर नहीं हैं, और उपलब्ध मीटरों में से अधिकतर खराब हैं। इस स्थिति में किसानों को नमी के नाम पर डराकर उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडियों में कंप्यूटरीकृत कांटे नहीं हैं और जिन कांटों पर धान तौलने का काम होता है उनमें छेड़छाड़ की संभावना अधिक रहती है, जिससे किसानों को तोल के नाम पर भी नुकसान उठाना पड़ता है।
माजरा ने यह भी कहा कि मंडियों में लिफ्टिंग की कोई व्यवस्था नहीं है और खरीदा गया धान कई दिनों तक मंडियों में पड़ा रहता है, जिससे किसानों को अपनी फसल मंडियों में जमा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि सरकार को निर्देश दें ताकि किसानों को इस लूट से मुक्ति दिलवाई जा सके। इस मौके पर हलका प्रधान बलकार बल्लू ने कहा कि इनेलो हमेशा किसानों के हितों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
प्रदर्शन में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र सीड़ा, भूपेंद्र जैलदार, सहाब सिंह संधू, किसान सैल हलका प्रधान बलजिंद्र सिंह सिधू, रामेश्वर पहलवान, गुरपाल गगड़पुर, नरेंद्र उर्फ काका, भान सिंह और युवा प्रधान नवदीप सीड़ा सहित कई अन्य नेता उपस्थित रहे।