किसानों ने घेरा बीडीपीओ दफ्तर का गेट
किसान सभा ने बीडीपीओ कार्यालय के सामने की जोरदार नारेबाजी
गुहला चीका। किसान सभा के विरोध के बाद आखिर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को पट्टेदारों से उनकी फाइलें लेनी पड़ी। पट्टेदार सोमवार को भी अपनी फाइलें जमा करवाने खंड विकास एवं पंचायत दफ्तर पहुंचे थे, लेकिन बीडीपीओ ने चीका नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले डेरों व सलेमपुर गांव की फाइलें लेने से इन्कार कर दिया था।
मंगलवार को भी जब पंचायत अधिकारी बिना किसानों की बात सुने अपने दफ्तर से जाने लगी तो किसानों ने जोरदार नारेबाजी के साथ खंड विकास एवं पंचायत दफ्तर का गेट घेर लिया। अधिकारी को मजबूरन दफ्तर लौटना पड़ा। उन्होंने किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और उनकी फाइलें लेने के लिए राजी हो गई।
किसान सभा ने दी थी चेतावनी
सोमवार को बीडीपीओ द्वारा किसानों की फाइलें लेने से इन्कार किए जाने के बाद पट्टेदारों का मसला उठा रही भारतीय किसान सभा ने इस मसले में दखलंदाजी करते हुए पंचायत अधिकारी को मंगलवार को अपने दफ्तर में पट्टेदारों की बात सुनने अन्यथा विरोध झेलने का नोटिस दिया था।
किसान सभा के आह्वान पर चीका डेराजात व सलेमपुर के अनेकों किसान पंचायत विभाग के दफ्तर में अपनी फाइलें जमा करवाने के लिए आ जुटे। प्रदेश सरकार द्वारा आबाद पट्टेदारों को 99 साल के लिए जमीनें पट्टे पर दिए जाने की जारी अधिसूचना के तहत किसान ये फाइलें देने आए थे। इस अवसर पर किसान सभा की जिला कमेटी के सदस्य कामरेड कुंदन लाल, भगवान दास व सतपाल सिंह किसान मौजूद थे।