कैथल। गांव सिसमौर में सरपंच पद के लिए चुनावी मुकाबला काफी रोमांचक बना हुआ है। गांव में इस बार सरपंच का पद सामान्य वर्ग में महिला के लिए आरक्षित हुआ है। चुनाव में गांव की छह महिलाएं अपना भाग्य आजमा रही हैं। सभी उम्मीदवार डोर टू डोर जाकर मतदाताओं के अपने पक्ष में करने के प्रयास में लगी हैं। गांव में सुबह और शाम के समय हर चौक-चौराहे और सार्वजनिक स्थान पर केवल चुनाव के चर्चे हैं।
चार हजार के करीब आबादी वाले गांव सिसमौर में इस बार गांव के 2500 से ज्यादा मतदाता उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला करेंगे। गांव की साक्षरता दर 80 प्रतिशत से ज्यादा है। गांव के सभी 13 वार्डों के लोग ऐसे उम्मीदवार के पक्ष में मतदान की बात कर रहे हैं, जो गांव की वर्तमान समस्याओं और मुद्दों को लेकर कार्य करे।
गांव की जो महिलाएं चुनाव में सरपंच पद की उम्मीदवार हैं, उनमें से एक उम्मीदवार ने बीए, दो ने 12वीं, दो ने 10वीं और एक ने आठवीं कक्षा तक अपनी शैक्षणिक योग्यता दर्शाई है। भले ही उम्मीदवार कम या ज्यादा पढ़े लिखे हैं, लेकिन सभी ने गांव में शिक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूती देने का दावा किया है।
गांववासी प्रदीप कुमार, अजमेर सिंह, रतिराम, मंदीप व सुरेंद्र ने बताया कि इस समय गांव में गलियों और चौराहों पर लाइटें, सीसीटीवी कैमरे, सफाई व्यवस्था, गंदे पानी की निकासी, खिलाडिय़ों के लिए खेल स्टेडियम का निर्माण, तालाबों का सौंदर्यकरण और पुस्तकालय निर्माण मुख्य मुद्दे हैं। पूरे गांव के लोगों ने आस जताई है कि चुनाव जीतने वाला प्रत्याशी सबसे पहले इन मुद्दों की ओर ध्यान देगा।