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Kaithal News: बैंको में हड़ताल से 150 करोड़ का लेन-देन प्रभावित

Wed, 28 Jan 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मंगलवार को सांकेतिक हड़ताल रखकर खूब गरजे। फाइव डे वर्किंग लागू करने और नई कर्मियों की भर्ती की मांग के लिए बैंक कर्मचारियों ने नारेबाजी की। इस कारण जिले के बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा और लगभग 150 करोड़ रुपये का लेन-देन बाधित हुआ।

बैंकों की हड़ताल के चलते व्यापारी और उद्यमी अधिक परेशान रहे। उद्यमी बैंकों से जुड़ी पेमेंट का भुगतान नहीं कर सके। इसके अलावा व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। आरटीजीएस न होने पर मोटी पेमेंट का भुगतान नहीं हो सका।
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बैंक कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को सरकार जल्द नहीं पूरा करती है, तो यह सांकेतिक हड़ताल बड़े आंदोलन में बदल सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि दो साल पहले सप्ताह में पांच दिन काम करने की मंजूरी दी जा चुकी थी, लेकिन इसे आज तक लागू नहीं किया गया। इस देरी से बैंक कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है, जो अब खुलकर सामने आ रही है।

प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि फाइव डे वर्किंग लागू की जाए और रिटायर हुए कर्मचारियों की जगह नई भर्तियां की जाएं, जिससे न केवल कर्मचारियों पर कार्यभार कम होगा बल्कि ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

हड़ताल के दौरान चेक क्लियरेंस और कैश जैसे कई बैंकिंग कार्य प्रभावित हुए। हड़ताल से जिले में 150 करोड़ रुपये का लेन-देन बाधित हुआ। यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। -प्रवेश मोर, यूएफबीयू कैथल के प्रधान

कर्मचारी कम हैं और काम लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राहकों का दबाव और लक्ष्य पूरे करने का तनाव मिलकर काम को कठिन बना रहा है। यदि कर्मचारी तनाव में काम करेंगे तो खाते में गलत डेटा भरने का जोखिम बढ़ जाएगा। -हरीश भानखुड़, पंजाब एंड सिंड बैंक

स्टाफ की कमी के कारण अक्सर अधिक समय तक काम करना पड़ता है। छुट्टियों के बावजूद कार्यभार कम नहीं होता। फाइव डे वर्किंग लागू होने से कर्मचारियों को परिवार और स्वास्थ्य के लिए भी समय मिल सकेगा। -हरीश कक्कड़, एसबीआई
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फाइव डे वर्किंग लागू होने से कर्मचारियों का काम का संतुलन बेहतर होगा और कार्यक्षमता बढ़ेगी। पिछले कुछ वर्षों में कई कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं और उनकी जगह नई भर्तियां नहीं हुई हैं। -पंकज, बैंक कर्मचारी

नीतू शर्मा

नीतू शर्मा

नीतू शर्मा

नीतू शर्मा

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