पिछले तीन दिनों में जिले में करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जिले के लोगों ने बैंकों में जमा करवा दी है। शनिवार को तीसरे दिन भी करीब 100 करोड़ रुपये की ही राशि जमा हुई। वहीं नकदी कम होने के कारण नोट बदलवाने के लिए आए लोगों को निराशा हाथ लगी। जिले में करीब 12 करोड़ रुपये ही शनिवार को पुराने नोटों के बदले दिए जा सके। वहीं सुबह 8 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक बैंक खुलने के दावे महज दावे साबित हो रहे हैं। लोग सुबह आठ बजे बैंकों के बाहर लाइनों में लग जाते हैं। जबकि बैंक सुबह 10 बजे ही लोगों के लिए खुल रहे हैं। वहीं शाम को भी करीब 4 बजे ही बैंकों को आम जनता के लिए बंद किया जा रहा है। जिस कारण भी लोगों में रोष बना हुआ है।
शनिवार को तीसरे दिन नोट बदलवाने के लिए बैंको के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ी। नोटों को बदलवाने के लिए जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपना काम छोड़कर सुबह से ही बैंकों में पैसे बदलवाने के लिए लाइन में लग रहे हैं। शहर के अधिकतर बैंकों में भी नए नोट नहीं आए। जिस कारण अधिकतर लोगों के हाथ में सौ, पचास, दस और बीस के नोट ही थमाए गए।
शहरवासी पेंटर धर्मपाल प्रजापति ने कहा कि बैंक सुबह 10 बजे तक नहीं खुलते। जबकि वे दो घंटे से लाइनों में लगे हैं। यह जनता के साथ अन्याय है।
जींद रोड स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच में नोट बदलवाने आए तेजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि उसका घर में राशन खत्म हो चुका है। राशन लेने के लिए उसे रुपये चाहिए जिसके लिए वह बैंक में नोट बदलवाने के लिए आया था।
वहीं एडवोकेट कर्ण गौड़ ने कहा कि बैंक अधिकारी 4 बजे के बाद जनता को इंट्री ही नहीं दे रहे। यह और भी गलत है। लोग दिन भर बैंकों में कैसे खड़े रहें। शाम को कुछ भीड़ कम होने की उम्मीद में व्यक्ति बैंक जाता है। लेकिन वहां गेट बंद किए जा रहे हैं। कई बैंकों में शटर डाउन कर दिया गया है। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को शिकायत की जाएगी। सरकार को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए।
पूरे स्टाफ को बैंकों में भेजा रुपयों को बदलवाने
वहीं एक निजी प्रशिक्षण संस्थान द्वारा गुरुपर्व के अवसर पर अमृतसर में स्वर्ण मंदिर पर टूर के लिए जाना था। लेकिन पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के कारण बस और होटल को बुक करवाने के लिए उन्हें भारी दिक्कत हुई। संस्थान के निदेशक बलविंद्र ने बताया कि 14 नवंबर को उनके द्वारा स्टाफ को स्वर्ण मंदिर के दर्शन के लिए लेकर जाना था। उन्होंने बताया कि नोटों के बंद होने के कारण ट्रैवल एजेंट को पैसे देने के लिए उन्होंने अपने स्टाफ के सभी सदस्यों को बैंकों में रुपयों को बदलवाने के लिए बैंकों में भेजा।
थमाए 10-10 के सिक्के
बैंक में नोट बदलवाने आए शहरवासी नवीन ने बताया कि वह अपनी जरूरत के मद्देनजर एसबीआई की मेन ब्रांच में आया था। बैंकों में 100 के नोट खत्म होने के कारण बैंक कर्मियों ने 10-10 रुपये के सिक्के थमा दिए।
बैंकों के बाहर रही जाम की स्थिति
बैंकों के बाहर लोगों की भीड़ के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बनी। जिससे नोट बदलवाने व राशि जमा करवाने के लिए बुजुर्गों और महिलाओं को भी लाइनों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ होने के कारण दुर्घटना होने का खतरा अधिक है। लोग द्वारा अपने वाहनों को सड़क पर ही पार्किंग करने के कारण सारा दिन जाम की स्थिति रही है। इस दौरान बैंक कर्मचारी भी बैंक से बाहर बैठ कर लोगों को कैश बदलवाने के लिए टोकन बांटते रहे।
100 करोड़ हुए जमा : टीके राणा
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक टीके राणा ने कहा कि शनिवार को करीब 100 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। वहीं 12 करोड़ के लगभग राशि बदली जा सकी है। बैंकों में जैसे-जैसे नकदी आ रही है, उसे वितरित किया जा रहा है। रही बात सुबह जल्दी खुलने की तो यह बैंकों का अलग-अलग समय है। शाम को इसीलिए लोगों की इंटरी बंद कर दी जाती है कि बैंक कर्मचारी दिन भर के लेन-देन का हिसाब-किताब बनाकर मुख्यालय भेज सकें। जो काफी महत्वपूर्ण कार्य है।
बिजली विभाग में जमा हुए एक लाख 71 हजार
राजौंद। बैंकों में तीसरे दिन भी 500 व 1000 के नोट जमा करवाने के लिए लोगों का हजूम उमड़ा रहा। बैंक खुलने से पहले ही बैंकों में लंबी कतारें लग गई और नोट बदलने व जमा करवाने का सिलसिला देर सायं तक चलता रहा। राजौंद स्थित एचडीएफसी बैंक प्रबंधक राजबीर राणा ने बताया कि 1 करोड़ जमा किए हैं। जबकि 35 लाख रुपये बदलकर दिए है। एटीएम सुविधा भी शुरू हो चुकी है। ओबीसी बैंक प्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि 1 करोड़ रुपये जमा किए हैं जबकि 2 लाख रुपये बदलकर दिए हैं। पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधक आरडी गोयल ने बताया कि उन्होंने शनिवार को 20 लाख रुपये जमा किए। जबकि 70 हजार रुपये बदल कर दिए। उधर विद्युत प्रसारण निगम द्वारा 500 व 1000 के नोट के साथ बिजली के बिल जमा करवाने की तारीख 14 नवंबर करने के कारण शनिवार को विद्युत प्रसारण निगम 1 लाख 71 हजार 721 रुपये लोगों के बिल जमा किए गए। उधर पैक्स राजौंद के प्रबंधक धर्मसिंह ने बताया कि उन्होंने दो दिनों में 82 हजार रुपये की ऋण वसूली हुई है।