संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। फर्जी कागजों पर बैंक से लोन लेकर धोखाधड़ी करने के दो मामलों में पुलिस ने आरोपी जिला करनाल के गांव बांसा निवासी कुलवंत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यूनियन बैंक पूंडरी के प्रबंधक अंकित वैष्णव की शिकायत के अनुसार गांव बांसा जिला करनाल निवासी कुलवंत सिंह ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पूंडरी से 88 कनाल दो मरले जमीन का मालिक बनकर 15 लाख रुपये का लोन लिया। आरोपी ने फर्जी कागजों के सहारे बैंक से लोन हासिल किया है।
इसके अलावा भी आरोपी ने बैंक ऑफ इंडिया की तरावड़ी शाखा से आठ लाख रुपये, पंजाब एंड सिंध बैंक जलमाणा से छह लाख रुपये और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया करनाल से भी फर्जी कागजों के सहारे 21 लाख रुपये का लोन लिया। जांच में आरोपी के दस्तावेज फर्जी पाए गए। प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे मामले में बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक अंकित वैष्णव की शिकायत अनुसार करनाल के गांव बांसा निवासी दो भाइयों अमरीक सिंह और बलबीर सिंह ने बैंक से ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए 15 लाख रुपये किसान क्रेडिट कार्ड से फसली ऋण के रूप में आवेदन किया।
इसमें आरोपी अमरीक सिंह स्वयं को 104 कनाल 10 मरला की भूमि के मालिक बताया है और वर्ष 2010-2011 की जमाबंदी के अनुसार भूमि ऋण भार से मुक्त थी। बैंक ने पैनल में शामिल अपने वकीलों से रायशुमारी की और पांच जून 2014 पैनल अधिवक्ता द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार अमरीक सिंह की जमीन को दिखाया गया। दोनों आरोपियों ने अपनी गिरवी रखी भूमि, फसल और मशीनरी आदि और अन्य ऋण दस्तावेजों को ऋण मुक्त करार दिया।
बैंक ने इस रिपोर्ट पर उनका ऋण मंजूर कर दिया। 31 मार्च 2022 तक यह राशि ब्याज सहित 26 लाख 45 हजार 551 रुपये बनती है। बैंक अधिकारी का कहना है कि दोनों आरोपियों ने ऋण समझौते के नियमों और शर्तों का उल्लंघन किया। बैंक द्वारा किए गए मौखिक और लिखित अनुरोध के बावजूद वे समय पर ऋण राशि चुकाने में विफल रहे।
बैंक ने जब रिकार्ड की पूरी जांच की और पाया कि अमरीक सिंह खेवट नंबर एक में ऐसी जमीन के मालिक नहीं थे। दोनों अभियुक्तों द्वारा प्रस्तुत राजस्व रिकार्ड में जाली जमाबंदी करके हेरफेर किया गया है। आरोपी बलबीर सिंह से संबंधित 104 कनाल 10 मरला खेवट संख्या में गिरवी भूमि दिखाई जा रही है। जबकि वह इसका मालिक नहीं है। उपरोक्त दोनों मामलों के बारे में थाना पूंडरी में दो अलग अलग मामले दर्ज थे।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि फर्जी कागजात तैयार करवाने में आरोपी कुलवंत ने सहायता कि थी। प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी कुलवंत थाना ढांड के वर्ष 2019 दौरान एक धोखाधड़ी के मामले में नामित आरोपी भी है। जो न्यायालय से जमानत लेने उपरांत उक्त मामले में दोबारा अदालत में हाजिर नहीं हुआ, जिसे न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में 16 अगस्त 2023 को पीओ घोषित कर दिया था। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।