कैथल। उपायुक्त प्रीति ने कहा कि धान व अन्य फसल कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों को जलाने पर 30 नवंबर 2025 तक पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया हुआ है। बीएनएसएस 2023 की धारा 163 लगाई हुई है। इसके बावजूद भी यदि कोई फसल अवशेष में आग लगाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में धान सहित अन्य फसलों की कटाई का कार्य चला हुआ है। इन फसलों की कटाई के बाद कुछ किसान खेतों में बचे हुए फसल अवशेषों में आग लगा देते हैं। इस कारण वायु प्रदूषण होता है। इससे बीमारियां फैलती है। साथ ही आमजन को सांस लेने में कठिनाई आती है तथा कई बार सड़क दुर्घटना भी हो जाती है। इससे पशुओं के चारे की भी कमी हो जाती है और भूमि की ऊपरी सतह जलने के कारण सूक्ष्म जीव मर जाते है और इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति भी कमजोर हो जाती है। डीसी प्रीति ने कहा कि सभी किसान फसल अवशेष का उचित प्रबंधन करें। सरकार भी इसके लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। वहीं विभिन्न उद्योग भी पराली को खरीदते हैं। संवाद