करनाल। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान सोमवार को राहड़ा गांव में आयोजित कार्यक्रम पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पराली जलाना केवल मिट्टी की उर्वरता समाप्त नहीं करता है बल्कि यह प्रदूषण का कारक बन स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि पराली का प्रबंधन करने से यह पशु चारे, जैविक खाद और बायोगैस का उत्कृष्ट स्रोत बन सकता है। उन्होंने ग्राम पंचायत को आईएसएपी फाउंडेशन की ओर से उपलब्ध कराई गई बेलर मशीन सौंपी, ताकि किसान इसे साझा रूप से प्रयोग करके अपने खेतों में पराली न जलाएं। सरपंच प्रतिनिधि रणदीप, नरेंद्र राणा, रिंकल राणा, सुरेंद्र रोजड़ा, संदीप सैनी व अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो