संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। उपमंडल में संपर्क मार्गों की हालत सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनी कलायत–बालू सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। खासकर गांव रामगढ़ पांडवा से चौशाला तक का हिस्सा इतनी खराब स्थिति में है कि रात के समय यहां से गुजरना हादसों को न्यौता देने जैसा है।
ग्रामीण ओमप्रकाश व बिशना राम का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बरसात के दिनों में पानी भर जाता है, जिससे वाहन चालक अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। गांव में प्रवेश करने वाला यह मुख्य मार्ग अब लोगों के लिए मुश्किलों का सबब बन चुका है।
ग्रामीण बलदेव सिंह, मिड्डा, मनीराम व मुकेश कुमार का कहना है कि दिल्ली–कटरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान इस सड़क पर भारी ट्रैफिक चला, जिससे यह टूट गई। तभी से ग्रामीण इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं।
बलदेव सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में ही इन गड्ढों से निकलना कठिन है, जबकि बरसात में पानी भर जाने से यह और भी खतरनाक हो जाते हैं। रात के समय इस मार्ग पर वाहन चलाना एक बड़ा जोखिम है।
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इस सड़क को प्राथमिकता पर बनाया जाए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस रोड के निर्माण के लिए टेंडर लग चुका है और जल्द काम शुरू किया जाएगा।