गांव बाबा लदाना में बाबा राजपुरी के डेरे पर आयोजित तीन दिवसीय विशाल मेले का समापन वीरवार शाम को हुआ। मेले के अंतिम दिन महिलाओं ने विशेष रूप से पूजा की और बाबा राजपुरी की समाधि पर माथा टेका।
सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु बाबा के दरबार में मत्था टेकने के लिए महिलाएं भारी संख्या में पहुंचना शुरू हो गई थी। मेले में महिलाओं ने अपनी अपनी पसंद की वस्तुओं की खरीददारी भी की। वीरवार को मेले में महिलाओं की संख्या काफी अधिक रही। मेले में गांव वासियों द्वारा अटूट भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस वर्ष मेले में कुल तीन लाख के करीब लोगों ने बाबा राजपुरी की समाधि पर पूजा-अर्चना की। महंत दूजपुरी ने बताया कि मेले के अंतिम दिन महिलाओं द्वारा माता हिंगलाज की पूजा की जाती है। जिसके तहत मेले के एक पूरा दिन महिलाएं ही पूजा करती हैं, इस समय पुरुषों को पूजा करने की अनुमति नहीं होती। महंत प्यारपुरी, महंत विवेक पुरी, महंत बापू पुरी सहित सैकड़ों साधु संत भी मेले में पहुंचे।
मेले के दौरान बाबा राजपुरी सेवा समिति की ओर से कढ़ी चावल के भंडारे का विशेष आयोजन भी किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। तीन दिन के मेले के दौरान आयोजक समिति की ओर फ्री मेडिकल शिविर भी लगाया गया जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हुई। इस मौके पर समिति के प्रधान श्याम लाल, सेवादार गणेश दत्त, सुभाष, महावीर, रामनिवास, चंद्रशेखर, नरेंद्र, सत्यवान, जसबीर, मंगत राम, जगरूप सहित अन्य सेवादारों ने सेवा की।
समाधि पर दूध चढ़ाकर मांगी मनोकामनाएं
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेले में ह