कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री, आचार्य, बीए और एमए की सेमेस्टर परीक्षाएं 10 मई से प्रारम्भ हो चुकी हैं, ये परीक्षाएं जून के प्रथम सप्ताह तक चलेंगी। विद्यार्थियों में परीक्षाओं को लेकर उत्साह है।
विश्वविद्यालय में व्याकरण, साहित्य, दर्शन, ज्योतिष, धर्मशास्त्र और वेद में शास्त्री एवं आचार्य के पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं, साथ ही योग में बीए और एमए तथा हिन्दू अध्ययन में एमए के पाठ्यक्रम संचालित हैं। मई के अंतिम सप्ताह में योग, आयुर्वेद, ज्योतिष के डिप्लोमा की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
इन परीक्षाओं के परिणाम परीक्षा समाप्त होने के एक माह के भीतर जारी कर देने का भी लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष तक कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालय का वार्षिक शैक्षणिक सत्र देरी से प्रारम्भ हो रहा था, लेकिन इस वर्ष समय पर परीक्षाओं के प्रारंभ होने के साथ ही संस्कृत विश्वविद्यालय समय से ही नया सत्र भी शुरू कर सकेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज ने सभी छात्रों को परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छात्र हमारे देश का भविष्य हैं, परीक्षाएं छात्रों के एक सत्र के परिश्रम को दर्शाती हैं। परीक्षाएं देने और उत्तीर्ण होने से उत्साह भी बना रहता है।
उन्होंने छात्रों को निरंतर स्वाध्याय शील बने रहने के लिए भी प्रेरित किया। छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े, इसके लिए आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। साथ ही नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम तैनात की गई है, जो लगातार परीक्षाओं की निगरानी करेगी।