संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। बीडीपीओ कार्यालय ढांड में जल महोत्सव पखवाड़ा के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता जिला सलाहकार दीपक कुमार ने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पानी बचाने के लिए जागरूकता जरूरी है।
कार्यशाला में ग्रामीणों और समिति सदस्यों को जल संरक्षण के महत्व तथा उसके प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। जिला सलाहकार दीपक कुमार ने कहा कि जल एक अमूल्य संसाधन है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि लगभग 40 वर्ष पहले पीने का पानी 40 फीट की गहराई पर उपलब्ध हो जाता था, जबकि अब यह स्तर घटकर 400 से 700 फीट तक पहुंच गया है। यह स्थिति जल संकट के बढ़ते खतरे की ओर संकेत करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पानी की बर्बादी पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि नलों पर पानी बंद करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आवश्यकता अनुसार ही पानी का उपयोग हो। गाड़ियों को नल से धोने या फर्श साफ करने के बजाय बाल्टी का प्रयोग करने से पानी की काफी बचत की जा सकती है।