संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। संस्कृत भारती की ओर से अंबाला के नारायणगढ़ और झज्जर के बेरी में सात दिवसीय दो आवासीय संस्कृत प्रबोधन वर्गों का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन अंबाला के नारायणगढ़ के श्रीमद्भगवद्गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 13 से 21 जून तक आयोजित किया। यह जानकारी प्रांत अध्यक्ष डॉ. सोमेश्वर दत्त ने की है।
उन्होंने बताया कि नारायणगढ़ में आयोजित होने वाले इस शिविर में अंबाला, कुरुक्षेत्र, पंचकूला करनाल, पानीपत, कैथल व हिसार के विद्यालयों, महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों से छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। इस वर्ग में उत्तर क्षेत्र गीता शिक्षण प्रमुख डॉ. जोगेंद्र सिंह का मार्गदर्शन रहेगा। वर्ग की व्यवस्था साहित्य प्रमुख पुष्पेंद्र आत्रेय, सहमंत्री ईशम सिंह व भूपेंद्र देख रहे हैं।
दूसरा शिविर झज्जर में 21 से 29 जून तक लाला दयाराम तिगड़ानिया सरस्वती-शिशु मंदिर बेरी झज्जर में आयोजित होगा। इसमें गुरुग्राम, सिरसा, फरीदाबाद, पटौदी आदि स्थानों से प्रतिभागी भाग लेंगें। प्रांत अध्यक्ष डॉ. सोमेश्वर दत्त ने बताया कि इन संस्कृत प्रशिक्षण शिविरों की विशेषता यह है कि ये शिविर ग्रीष्मकालीन अवकाशों में आयोजित किए जाते हैं ताकि विद्यार्थियों के अवकाशों का भी सदुपयोग हो।
शिविर में प्रात: से लेकर शाम तक संस्कृतमय वातावरण रहता है। व्यावहारिक संस्कृत व्याकरण का ज्ञान भी दिया जाता है और इनमें भाग लेने वाला संस्कृत प्रेमी मात्र कुछ दिन के संस्कृत अभ्यास से ही संस्कृत में बोलने में समर्थ हो जाता है व उसके संस्कृत लेखन कौशल का विकास होता है। प्रतिभागी में संस्कृत के प्रति रुचि जागृत होती है। जिस कारण भारतीय ज्ञान परंपरा संबद्ध ज्ञान को आत्मसात करने के लिए शास्त्रों के पठन-पाठन में विशेष लाभ मिलता है।
प्रांत मंत्री प्रमोद ने बताया कि अंबाला के नारायणगढ़ शिविर में संस्कृत सेवक डॉ. गुरजीत, अजय, डॉ. अशोक, आशा, निशा इत्यादि प्रशिक्षकों की भूमिका में रहेंगे और झज्जर, बेरी वर्ग में प्रचार प्रमुख सतेंद्र, प्रवेश कौशिक, सुरेंद्र शास्त्री प्रशिक्षक के रूप में अपने दायित्व का निर्वाह करेंगे। गुरुग्राम विभाग से काशी व्यवस्था को देखेंगे।