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पेट्रोल पंपों पर क्यू आर कोड लगाते समय खुद का खाता कर देता था अटैच

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Attached to his own account while imposing QR codes on petrol pumps - फोटो : Kaithal
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फोन कंपनी का कर्मचारी पेट्रोल पंपों पर ऑनलाइन भुगतान के लिए क्यू आर कोड लगवाते समय अपने खुद के खाते को उसके साथ अटैच कर देता था। जब उस खाते में रुपये जमा होते तो उसके खाते में राशि आ जाती थी। इस तरह से उसने लाखों रुपये की ठगी की है। पुलिस ने एक पेट्रोल पंप मालिक की शिकायत पर दर्ज मामले की जांच में यह खुलासा किया है। मुख्य आरोपी के साथ उसके साले को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में कई पेट्रोल पंपों पर इस तरह की ठगी का पता चला है।
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सीआईए-टू परिसर में रविवार को डीएसपी सुनील कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि गांव खरकां निवासी हरनेंद्र पाल सिंह का अपने गांव खरकां में व चीका रोड गांव थेह बुटाना में अलग-अलग दो पेट्रोल पंप है। जहां पर उसने ग्राहकों की सुविधा के लिए डिजिटल पेमेंट के जिए फोन-पे क्यूआर कोड स्थापित करवाए हुए थे। उक्त पेट्रोल पंपों के मालिक हरनेंद्र पाल सिंह की शिकायत पर 10 अप्रैल को थाना गुहला में दर्ज मामले के अनुसार कुछ दिनों से उसके खाते में गड़बड़ी पाई गई, जिसके अनुसार अज्ञात व्यक्ति द्वारा की गई 5 जाली लेनदेन से 15021 रुपये नकदी उसके खाते में नहीं आए। इसके बाद सीआईए-टू पुलिस ने जालसाजों की जांच आरंभ कर दी।
डीएसपी ने बताया की सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर सोमबीर की अगुवाई में मामले की जांच सहायक उपनिरिक्षक जसवंत सिंह द्वारा करते हुए एक सप्ताह के दौरान गांव टीक में छापामारी कर वारदात में लिप्त दो आरोपी गिरफ्तार कर किए गए है। गिरफ्तार किया गया आरोपी करीब 26 वर्षीय सुशील कुमार निवासी मोहड़ी जिला करनाल फोन-पे कंपनी का कर्मचारी बताया गया है। जिसे कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र जिलों में पेट्रोल पंपो पर फोन-पे क्यूआर कोड लगवाने के इच्छुक पेट्रोल पंपो का कार्य करने की जिम्मदारी सौंपी गई थी। जबकि दूसरा आरोपी 24 वर्षीय विशाल निवासी साकरा जिला कैथल का है, जो आरोपी सुशील का साला है। मुख्यारोपी सुशील ने कबूला कि वह फोन-पे कंपनी में एफएसओ के पद पर काम करके पेट्रोल पंपों पर क्यूआर कोड लगाता है व उनका बैंक खाता, मोबाइल नंबरों की डिटेल के अतिरिक्त सेल्समैन इत्यादि कर्मचारी को विश्वास में लेकर उनसे फोन-पे कर्मचारी होने का फायदा उठाकर ओटीपी भी हासिल कर लिया।
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उन्होंने बताया कि आरोपी सुशील ने अपनी आटा चक्की के नाम पर एक फोन-पे बिजनेस का खाता खोलकर अपने दो क्यूआर कोड लिए हुए है। जालसाज सुशील ने अपने साले के साथ मिलकर रची साजिश अनुसार वह पेट्रोल पंप पर जाकर अपने वाहन में तेल डलवाने के बाद वहां के डिजिटल पेमेंट क्यूआर कोड को स्कैन करने का ढोंग रचने के बाद अपने फोन में सेव किए गए आटा चक्की के क्यूआर कोड की मार्फत डिजिटल पेमेंट कर देता है। इसके बाद पंप पर फोन-पे लगाने उपरांत जालसाजी पूर्वक हासिल किए गए ओटीपी के द्वारा जोड़े गए पेट्रोल पंप प्रबंधक व सेल्समैन के फोन पर पेमेंट हासिल करने का एसएमएस आता है, परंतु असल में वह राशि आरोपी सुशील के खाते में ही जमा होती थी।
विदित रहे कि अधिकांश पंप मालिकों द्वारा अपने फोन-पे क्यूआर कोड एकांउट में पंप पर कार्यरत सेल्समैन व प्रबंधक को जोड़ दिया जाता है, जो डिजिटल लेनदेन दौरान एसएमएस के माध्यम से मौके पर जानकारी हासिल कर लेते हैं। आरोपी सुशील ने ये भी कबूला कि वह अपने साले विशाल के साथ मिलकर ठगी को अंजाम देते हुए थेह बुटाना व खरकां के अतिरिक्त संदीप फिलिंग स्टेशन पिहोवा व कृष्णा फिलिंग स्टेशन आहूं पर अक्तूबर 2020 से अप्रैल 2021 तक करीब 20/25 बोगस लेनदेन के दौरान लगभग 1.5 लाख रुपये जालसाजी पूर्वक हड़प चुका है। जांच के दौरान सीआईए-टू पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के कब्जे में बुटाना व खरकां के पेट्रोल पंपों से हड़पी गई 15021 रुपये की नकदी में से 5 हजार रुपये , वारदातों में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन व एक बाइक बरामद कर ली गई। संदीप फिलिंग स्टेशन पिहोवा व कृष्णा फिलिंग स्टेशन आहूं पर हुई जालसाजी से अंजान पेट्रोल पंप मालिको को सीआईए-टू पुलिस द्वारा जानकारी जुटाकर आगामी कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपी रविवार को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं।
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